वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा।
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा। सभी की निगाहें वित्त मंत्री के ब्रीफेकस पर लगी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट से काफी कुछ मिल सकता है। लेकिन आपको बता दें कि साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आजादी से चले आ रहे ब्रीफकेस के ट्रेंड को खत्म कर दिया था। वे परंपरा बदलते हुए ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट पेश करेंगी। भारत के केंद्रीय बजट में रोचक तथ्य आधारित कहानियों के साथ कई परंपराएं हैं जैसे हलवा समारोह। बीते कल 'हलवा सेरेमनी' के साथ 2020-21 के बजट दस्तावेजों का प्रकाशन शुरू हो गया।

आज आपको बताते हैं कि आखिर बजट से जुड़े ब्रीफकेस का इतिहास क्या है
- वास्तव में बजट फ्रांसीसी शब्द 'बॉगेटी' से निकला हुआ है, जिसका मतलब लेदर बैग होता है। 1860 में ब्रिटेन के 'चांसलर ऑफ दी एक्सचेकर चीफ' विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे।
- यह बैग उन्हें खुद ब्रिटेन की महारानी ने ग्लैडस्टन को दिया था।
- इसमें बजट से संबंधित तमाम दस्तावेज थे, जिन पर महारानी का सोने में मोनोग्राम था।
- ब्रिटेन में रेड ग्लैडस्टन बजट बॉक्स 2010 तक प्रचलन में रहा इसके बाद इसे म्यूजियम में रख दिया गया।
- बता दें कि अब इसकी जगह एक नए लाल लेदर बजट बॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है।
- आजाद भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।
- वह अपने बजट दस्तावेज को चमड़े के बैग में रखकर संसद भवन पहुंचे थे।
- ये बात भी सच है कि कई सालों तक देश के तमाम वित्तमंत्री इसी तरह के बैग में बजट दस्तावेज लेकर पहुंचे।
- भारत में बजट सूटकेस के कलर और शेड्स में अंतर आता रहा।
- 1958 में बजट पेश करने सदन पहुंचे जवाहर लाल नेहरू के हाथ में भी काला ब्रीफकेस नजर आया था।
- हालांकि मोरारजी देसाई और कृष्णमचारी बजट को फाइल में लेकर के गए थे।
- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 में बजट पेश किया तो वह काला बैग लेकर पहुंचे थे।
- वहीं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ग्लैडस्टन जैसे रेड बजट बॉक्स का उपयोग किया था।
- पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के हाथों में ब्राउन और रेड ब्रीफकेस दिखा था।
- इस 2019 में अंतरिम बजट पेश करने वाले कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट दस्तावेज के लिए लाल ब्रीफकेस का चुनाव किया था।
- हालांकि 2011 में जॉर्ज ओसबोर्न द्वारा एक नए बॉक्स में बदल दिया गया था क्योंकि यह बॉक्स बहुत पुराना और जर्जर हो गया था।
- भारत में बजट के दिन ब्रीफकेस लाने की परंपरा अंग्रेजों की ही देन है। बजट के दिन वित्त मंत्री ब्रीफकेस के साथ संसद पहुंचते हैं।
- बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष वित्त मंत्री से अपना ब्रीफकेस खोलकर बजट पेश करने का आग्रह करते हैं।
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