नयी दिल्ली। संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही हैं। किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाओं में एक ऐलान उन्हें कर्ज देने का किया गया है। सरकार 2020-21 में किसानों को 15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देगी। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने किसानों के लिए 13.5 लाख करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी थी। ये बढ़ोतरी पिछले पांच वर्षों में कृषि लोन लक्ष्य में 12 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अकेले ऋण लक्ष्य को पूरा करना किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यानी सिर्फ कर्ज देने से किसानों की हालत नहीं सुधरेगी। इसकी असल वजह छोटे और मार्जिनल किसानों तक लोन पहुँचने की दर अभी भी बहुत कम है। सरकार ने बजट में कृषि से संबंधित कुछ लक्ष्य रखे हैं। आइये उन पर एक नजर डालते हैं।

बजट में कृषि उत्पादन के लिए तय किये गये लक्ष्य :
- 2022-23 तक 200 लाख टन मछली उत्पादन
- दूध उत्पादन 1080 लाख टन मीट्रिक उत्पादन
- 2025 तक दूध प्रोसेसिंग की क्षमता दोगुनी करेंगे
- किसानों को 2020-21 में लोन 15 लाख करोड़ रुपये
- कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये
दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट
यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। पिछले साल लोकसभा चुनावों के चलते वर्तमान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था। इसके बाद जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9 महीनों का बजट पेश किया था। इस लिहाज से यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। पिछले साल आये अंतरिम बजट से पहले केन्द्र सरकार के सामने 8 राज्यों और लोकसभा के चुनाव थे। इसलिए उम्मीद थी कि सरकार बजट को लोगों के लिए आकर्षक बनायेगी। मगर जानकारों ने माना था कि बजट मध्य वर्ग को बहुत अधिक नहीं प्रभावित कर सका।
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