नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। लोगों को वित्त मंत्री और केंद्र सरकार से काफी उम्मीदें हैं। खास कर इनकम टैक्स में राहत पर लोगों की नजर है। वित्त मंत्रालय ने वार्षिक फाइनेंशियल प्रेक्टिस के लिए प्रस्ताव मांगे हैं और समाज के विभिन्न वर्गों से सरकार को सुझाव भेजे जा रहे हैं। केंद्रीय बजट 2020 की छपाई का काम भी शुरू हो चुका है। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि एफएम सीतारमण संसद में संतुलित बजट भाषण देंगी। बात इनकम टैक्स की करें तो केंद्रीय बजट 2020 आने में सिर्फ दो सप्ताह बाकी हैं और पूर्व वित्त सचिव एस सी गर्ग ने आयकर स्लैब से संबंधित एक प्रस्ताव तैयार किया है। गर्ग ने कर सुधार के लिए कदम उठाये जाने सुझाव दिया है। उनके मुताबिक केंद्र सरकार को एक आसान चार-स्लैब का इनकम टैक्स स्ट्रक्चर बनना चाहिए, जिसमें कोई उपकर या अधिभार शामिल न हो।

कॉर्पोरेट टैक्स संचरना बेहतर हुई
गर्ग ने एक पर्सनल ब्लॉग में लिखा है कि सितंबर 2019 में कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती करके केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान कॉर्पोरेट कर संरचना को उचित और प्रतिस्पर्धी बना दिया है। उनके मुताबिक इस मामले में और कदम उठाये जाने की उम्मीद नहीं है, मगर कर सुधार के लिए ऐसे कई प्रमुख कदम हैं, जो व्यक्तिगत आयकर टैक्स संरचना के लिए आवश्यक हैं। गर्ग के मुताबिक इस समय 8 टैक्स स्लैब हैं, जिनमें उच्चतम प्रभावी कर की दर 40 फीसदी से अधिक है। गर्ग ने केंद्रीय बजट 2020 में "सरल और निष्पक्ष" आयकर संरचना का प्रस्ताव रखा है।
'5 लाख रुपये तक न हो कोई टैक्स'
गर्ग के प्रस्तावित टैक्स स्ट्रक्चर के अनुसार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगना चाहिए। गर्ग के मुताबिक 5 से 10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 5 फीसदी, 10 से 25 लाख रुपये तक पर 15 फीसदी, 25 से 50 लाख रुपये तक 25 फीसदी और 50 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय पर 35 फीसदी टैक्स होना चाहिए। गर्ग, जिन्होंने तीन यूनियन बजट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ने दावा किया कि यदि केंद्र सरकार बिना सेस और सरचार्ज के आयकर स्ट्रक्चर लाती है, तो करदाता इसका स्वागत करेंगे।
यह भी पढ़ें - बजट 2020 : आयकर में कटौती और टैक्स स्लैब में बदलाव संभव
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