नयी दिल्ली। केंद्र सरकार की कई सरकारी कंपनियों का निजीकरण करने की योजना है। इनमें कई बैंक भी शामिल हैं। यहां तक की सरकार का प्लान अब देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का भी आईपीओ लाने की है। आईपीओ में एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी बेची जाएगी। सरकार पिछले साल बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय और रिवाइवल की भी योजना पेश कर चुकी है। इस बीच बीएसएनएल के 88000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ने की बात सामने आई है। बीजेपी सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने इस मामले में एक तीखा बयान दिया है।
88000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
बीजेपी सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने एक बयान में कहा है कि बीएसएनएल के अधिकतर कर्मचारी आलसी हैं। उनके मुताबिक ये कर्मचारी काम नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि यदि बीएसएनएल का निजीकरण किया गया तो करीब 88000 कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी। हेगड़े यहीं नहीं रुके उन्होंने बीएसएनएल के कर्मचारियों को गद्दार तक कह दिया।
काम करने में नहीं है रुचि
हेगड़े ने कहा कि बीएसएनएल के कर्मचारी गद्दार हैं जो एक प्रमुख फर्म को डेवलप करने के लिए काम नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि सरकार बीएसएनएल का निजीकरण करेगी। इससे 88,000 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हेगड़े अपने बयानों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान दिया था। अब उनका बीएसएनएल कर्मचारियों को दिया गया बयान चर्चा में है।
बिकेगी बीएसएनएल की संपत्ति
आपको बता दें कि सरकार की योजना एमटीएनएल और बीएसएनएल की कुल 37500 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचने की है। जहां तक संपत्ति का सवाल है तो इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों की खाली पड़ी जमीन और बिल्डिंग की बिक्री की जाएगा। इस पैसे का उपयोग इनकी हालत बेहतर करने के लिए किया जाएगा। पिछले कई सालों ये दोनो कंपनियां घाटे में चल रही हैं। एमटीएनएल को तो पिछले 10 में से 9 सालों में नुकसान हुआ है।
बीएसएनएल-एमटीएनएल के लिए रिवाइवल प्लान
पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने घाटे में चल रही बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल प्लान का ऐलान किया था। सरकार की तरफ से इनके रिवाइवल के लिए 70000 करोड़ रुपये के भारी भरकम पैकेज की भी घोषणा की गई थी। इस योजना में एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय और इनके कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने की भी बात कही गई थी, ताकि खर्च में कमी आए। इन दोनों कंपनियों के विलय के पीछे केंद्र सरकार का एक बड़ा लक्ष्य है। दोनों के विलय से तैयार होने वाली कंपनी को सरकार 2 सालों के अंदर मुनाफे वाली कंपनी बनाना चाहती है।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications