नयी दिल्ली। सरकारी टेलीकॉम कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल की संपत्ति बेची जाएगी। ये सरकार के उस प्लान का हिस्सा है जिसके तहत इन कंपनियों का रिवाइवल यानी फिर से बेहतर स्थिति में लाना है। इस प्लान की घोषणा पिछले साल की गई थी। अब सरकार की तरफ से इन दोनों कंपनियों की संपत्ति बेचने की प्रोसेस में तेजी लाई जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दोनों कंपनियों की संपत्ति बेच कर जुटाये जाने वाले पैसे का इस्तेमाल कारोबार को बेहतर बनाने में ही किया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से दोनों टेलीकॉम कंपनियों की लैंडहोल्डिंग की प्रोसेस भी शुरू कर दी गई है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) ने संपत्ति बेचने के मौके ढूंढने का जिम्मा कंसल्टेंसी फर्म सीबीआरई ग्रुप, जोन्स लैंग लासेल और नाइट फ्रैंक को दिया है। ये फर्म्स जुलाई अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
कितनी संपत्ति बिकेगी
सरकार की योजना एमटीएनएल और बीएसएनएल की कुल 37500 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचने की है। जहां तक संपत्ति का सवाल है तो इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों की खाली पड़ी जमीन और बिल्डिंग की बिक्री की जाएगा और जैसा कि बताया गया इस पैसे का उपयोग इनकी हालत बेहतर करने के लिए किया जाएगा। पिछले कई सालों ये दोनो कंपनियां घाटे में चल रही हैं। एमटीएनएल को तो पिछले 10 में से 9 सालों में नुकसान हुआ है।
क्या है रिवाइवल प्लान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने घाटे में चल रही बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल प्लान का ऐलान किया था। सरकार की तरफ से इनके रिवाइवल के लिए 70000 करोड़ रुपये के भारी भरकम पैकेज की भी घोषणा की गई थी। इस योजना में एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय और इनके कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने की भी बात कही गई थी, ताकि खर्च में कमी आए। इन दोनों कंपनियों के विलय के पीछे केंद्र सरकार का एक बड़ा लक्ष्य है। दोनों के विलय से तैयार होने वाली कंपनी को सरकार 2 सालों के अंदर मुनाफे वाली कंपनी बनाना चाहती है।
कितना हुआ है घाटा
इन दोनों कंपनियों की फाइनेंशियल हालत बेहद खराब है। बात पहले बीएसएनएल की करें तो इसे वित्त वर्ष 2018-19 में करीब 14,202 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वहीं 2017-18 में ये 7,993 करोड़ रुपए का घाटे में रही थी। उससे पहले 2016-17 में बीएसएनएल को 4,793 करोड़ रुपए और 2015-16 में 4,859 करोड़ रुपए का भारी घाटा हुआ था। वैसे बीएसएनएल 2010 से ही घाटे में चल रही है। इसके अलावा एमटीएनएल के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो ये पिछले 10 में से 9 सालों में घाटे रही है।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications