Bombay Stock Exchange: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई द्वारा एसएमई प्लेटफार्म से मेन बोर्ड में माइग्रेट होने की इच्छा रखने वाले स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिनके मुताबिक कुछ मानकों को पूरा करने के बाद ही स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज का माइग्रेशन संभव हो पाएगा। इस आर्टिकल में हम आपको इन गाइडलाइन के बारे में जानकारी देंगे। आपको बताते चलें कि यह नई गाइडलाइन 1 जनवरी 2024 से लागू की जानी है। गाइडलाइन जारी होने के बाद कंपनी को माइग्रेशन के लिए जरूरी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
आपको बताते चलें कि एसएमई प्लेटफार्म से मेन बोर्ड में माइग्रेट करने के लिए अप्लाई करने वाली कंपनी के पास पिछले दो फाइनेंशियल ईयर में काम से कम 15 करोड रुपए की नेटवर्थ होनी चाहिए। इसी गाइडलाइन में एक अन्य शर्त के तहत अप्लाई करने वाली कंपनी का कम से कम 3 साल तक एसएमई प्लेटफार्म पर लिस्ट होना जरूरी है।

गौरतलब है कि अगर कोई कंपनी में बोर्ड में शिफ्ट होना चाह रही है तो उसके लिए उसके पास काम से कम 250 पब्लिक शेयरहोल्डर्स या उससे ज्यादा की संख्या होनी चाहिए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनी के प्रॉफिट को भी माइग्रेशन के लिए काफी जरूरी माना है। इसी वजह से बीएसई द्वारा दिए गए दिशा निर्देश में यह भी कहा गया है कि एसएमई का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम तीन फाइनेंशियल ईयर में से किसी दो साल में पॉजिटिव होना जरूरी है। साथ ही एक्सचेंज में माइग्रेशन एप्लीकेशन दायर करने वाले साल में फाइनेंशियल वित्त वर्ष में प्रॉफिट दर्ज किया होना चाहिए।
अप्लाई करने वाली कंपनी का नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में कोई भी मामला नहीं होना चाहिए। बीएसई के गाइडलाइन के मुताबिक अगर किसी कंपनी का नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में इस समय या पहले का मामला है, तो वह क्वालीफाई नहीं कर पाएंगी। इतना ही नहीं पिछले 3 सालों में किसी भी स्टॉक एक्सचेंज द्वारा एसएमई और उसके प्रमोटर के खिलाफ ट्रेडिंग पर रोक लगाने जैसी कोई भी रेगुलेटरी कार्रवाई नहीं की गई होनी चाहिए।
इसके अलावा गाइडलाइन के मुताबिक आवेदक कंपनी और उसके प्रमोटर के साथ उसकी सब्सिडियरी कंपनी को मार्केट रेगुलेटर द्वारा बैन नहीं किया गया हो। इन सभी जरूरी बातों का ध्यान भी कंपनी को मेन बोर्ड में शिफ्ट करते वक्त दिया जा रहा है।
बीएसई ने एक सर्कुलर में कहा है कि इसमें अप्लाई करने वाले के पास पिछले 2 फाइनेंशियल ईयर के लिए कम से कम 15 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ती होना आवश्यक है। इसके अनुसार मार्केट कैपिटलाइजेशन कम से कम 25 करोड़ रुपए का होना चाहिए और चुकता इक्विटी पूंजी भी 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की होनी चाहिए।
मिल रहे आंकड़ों के अनुसार अभी तक 464 कंपनी बीएसई एसएमई प्लेटफार्म पर लिस्ट हो चुकी हैं। लिस्ट हुई इन 264 कंपनी में से अब तक 181 में बोर्ड में माइग्रेट हो चुकी है।
आपको बताते चलें की भारत के टॉप शेयर बाजार जैसे मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और एनएसई यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनियों की लिस्ट होने के रास्ते को आसान और किफायती तरीके से बढ़ाने के साथ विस्तार और इक्विटी पूंजी जुटाना में मदद करने के लिए 2012 में एसएमई डेडीकेटेड प्लेटफार्म शुरू किया था।
आपको बताते चलें कि साल 2012 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जैसे टॉप शेयर मार्केट ने एसएमई के लिए डेडीकेटेड प्लेटफार्म की शुरुआत की थी। इस प्लेटफार्म का उद्देश्य कंपनियों की लिस्टिंग को आसान बनाने का था। साथ ही इसका उद्देश्य किफायती तरीके से ग्रोथ और विस्तार के लिए इक्विटी कैपिटल जुटाने में मदद करने का भी था।


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