नई दिल्ली, जुलाई 17। पिछले कुछ सालों में अडानी ग्रुप ने खूब तरक्की हासिल की है। उसी के दम पर गौतम शांतिलाल अडानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति तक बने। गौतम का जन्म 24 जून 1962 को हुआ था, जो एक सफल भारतीय अरबपति उद्योगपति हैं। वे अहमदाबाद स्थित बहुराष्ट्रीय समूह अडानी समूह के अध्यक्ष और संस्थापक हैं, जो भारत में बंदरगाह डेवलपमेंट और ऑपरेशन में लगा है। गौतम अडानी के बारे में तो सब जानते हैं। मगर क्या आप उनके बेटों के बारे में जानते हैं। गौतम अडानी के दो बेटे हैं। जानते हैं उनके बारे में।
करण और जीत अडानी
करण और जीत अडानी गौतम अडानी के दो बेटे हैं। इनमें करण बड़े और जीत छोटे हैं। करण की आयु 35 साल है, जबकि जीत 24 वर्षीय हैं। पहले बात करते हैं करण अडानी की। करण गौतम अडानी अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक हैं। 2008 में, उन्हें फोर्ब्स इंडिया द्वारा "टाइकून ऑफ़ टुमॉरो" की सूची में शामिल किया गया था।
कहां से की पढ़ाई
उनका जन्म 7 अप्रैल 1987 को गुजरात राज्य में हुआ था। 2009 में, उन्होंने मैनेजमेंट स्कूल के माध्यम से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएट की डिग्री के साथ पर्ड्यू विश्वविद्यालय से बेचलर की उपाधि प्राप्त की। 2009 में करण अडानी अदानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड में शामिल हो गए। 2016 में, उन्होंने कंपनी का संचालन संभाला। 2018 में, उन्होंने तमिलनाडु में कट्टुपल्ली बंदरगाह (चेन्नई बंदरगाह से लगभग 30 किमी और एन्नोर बंदरगाह से सटे) के अधिग्रहण अभियान को लीड किया। बंदरगाह को लार्सन एंड टुब्रो से खरीदा गया और इसे एपीएसईजेड नेटवर्क में 10वां बंदरगाह बना दिया गया था। 2014 में अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड की ओर से, उन्हें द इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड (कैटेगरी : उभरती कंपनी) मिला।
2019 में मिली और जिम्मेदारी
2019 में करण को अडानी समूह की हवाईअड्डा परियोजनाओं का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया था जिसमें शामिल हैं - सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, और त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा। 2013 में करण ने परिधि श्रॉफ से शादी की, जो सिरिल श्रॉफ की बेटी, जो कि कानूनी फर्म, सिरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर हैं।
जीत अडानी पर भी भारी जिम्मेदारी
जीत अडानी समूह के फाइनेंस डिपार्टमेंट के उपाध्यक्ष हैं। वह यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंसेज से स्नातक हैं। वह 2019 में अडानी ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने स्ट्रेटेजिक फाइनेंस, कैपिटल मार्केट्स और रिस्क एंड गवर्नेंस पॉलिसी को देखते हुए ग्रुप सीएफओ के ऑफिस में अपना करियर शुरू किया।
फाइनेंस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट
2019 में ही जीत को फाइनेंस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट के रूप में नियुक्त किया गया था, जो अडानी समूह के फाइनेंस को नियंत्रित करता है। इस भूमिका में अडानी समूह के सभी लिस्टेड वर्टिकल्स के साथ काम करना शामिल है। जीत अडानी एयरपोर्ट्स बिजनेस के साथ-साथ अडानी डिजिटल लैब्स का भी नेतृत्व कर रहे हैं, जो अडानी ग्रुप बिजनेस के सभी उपभोक्ताओं को पूरा करने के लिए एक सुपर ऐप बनाने के लिए तैयार है।


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