देश के दो बड़े बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) और एचडीएफसी बैंक ने ब्याज दरों में कटौती कर ग्राहकों को राहत दी है। यह फैसला रिज़र्व बैंक द्वारा रेपो रेट घटाने के बाद लिया गया है। इससे लोन लेने वालों की ईएमआई में कुछ कमी आ सकती है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने RLLR घटाया, नई दर 8.15%
सरकारी बैंक BOB ने कहा है कि उसने अपनी रेपो से जुड़ी लोन दर (RLLR) में 0.50% की कटौती की है। यह नई दर 7 जून से लागू हो गई है। अब बैंक की RLLR घटकर 8.15% हो गई है। बैंक ने बताया कि उसने रेपो रेट में हुई पूरी कटौती को ग्राहकों तक पहुंचाया है, ताकि उन्हें सीधा फायदा मिले।
एचडीएफसी बैंक ने MCLR में की हल्की कटौती
प्राइवेट क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने भी अपनी उधारी दरों में थोड़ा बदलाव किया है। बैंक ने MCLR (मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट) में अलग-अलग समय के लिए 0.10% तक की कटौती की है।
नई दरें इस प्रकार हैं:
1 दिन और 1 महीने की दर: 8.90%
3 महीने की दर: 8.95%
6 महीने और 1 साल की दर: 9.05%
2 और 3 साल के लोन की दर: 9.10% (पहले 9.20%)
ये दरें भी 7 जून से लागू हो गई हैं और इससे उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जिनके लोन MCLR से जुड़े हैं।
RBI ने घटाई रेपो रेट अब 5.50%
भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में अपनी रेपो रेट में 0.50% की बड़ी कटौती की है। अब यह दर 6.00% से घटकर 5.50% रह गई है। यह कदम आर्थिक एक्टिविटीस को रफ्तार देने और कर्ज को सस्ता करने के मकसद से उठाया गया है। साथ ही बैंकों को ज्यादा लोन देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कैश रिज़र्व रेश्यो (CRR) में भी कटौती की गई है।
ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?
लोन की EMI घट सकती है, जिससे मासिक खर्च थोड़ा कम हो सकता है। जो लोग नया होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, उन्हें कम ब्याज दर मिल सकती है। मौजूदा लोन धारकों को ब्याज दरों में गिरावट का फायदा उनके लोन टर्म्स के अनुसार मिलेगा।


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