Kempegowda International Airport: बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉपरेशन(BMTC) ने बेंगलुरुवासियों के लिए राहत की खबर दी है। केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चलने वाली वोल्लो बसों की जगह नई एसी इलेक्ट्रिक बसें BMTC शुरु करने की तैयारी कर रहा है। इससे लोगों का सफर बेहतर होगा और पर्यावरण पर भी प्रदूषण का प्रभाव कम होगा।

इन बसों में मिलेगी ये सुविधाएं (Bengaluru International Airport)
इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करेंगी। साथ ही इनमें वोल्वो बसों की तुलना में ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होगी। इसके अलावा इन बसों में बेहतर सीटिंग भी होगी जिससे सवारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इन एसी बसों में विकलांगों के लिए रैंप और बेहतर सीटिंग होगी। रोजाना हर बस 250 किलोमीटर तर चलेगी। इसके अलावा बस की चार्जिंग 60 से 70 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। बीएमटीसी इन एसी बसों की चार्जिंग के लिए एयरपोर्ट एरिया के अंदर ही फैसिलिटी देने पर काम कर रही है।
इन बसों का ऑपरेशन ओएचएम मोबिलिटी (अशोक लेलैंड की सहायक कंपनी) द्वारा किया जाएगा। BMTC इन बसों को 12 सालों के लिए किराए पर ले रहा है। शुरुआत में ये बसें शहर के प्रमुख डिपो जैसे शांति नगर, व्हाइटफील्ड और HSR लेआउट से चलाई जाएंगी।
मई से शुरु हो सकती हैं ये एसी बसें (Kempegowda International Airport Route AC Buses)
BMTC की योजना है कि मई 2025 तक सभी 320 इलेक्ट्रिक बसें सेवा में आ जाएं। इस कदम से बेंगलुरु में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर बनेगा। अब तक बीएमटीसी को अशोक लीलैंड की सब्सिडियरी कंपनी ओम मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड से 320 व्हीकल के ऑर्डर के तहत 58 एसी ई-बसें मिली हैं।
ये 58 ई-बसों को डिपो नंबर 18 (आईटीपीएल) को एसाइन गया है और ये कडुगोडी बस स्टेशन से बनशंकरी, मैजेस्टिक और सेंट्रल सिल्क बोर्ड तथा होसकोटे से अट्टीबेले तक चलेंगी। बीएमटीसी ने तीन अन्य डिपो सुभाषनगर (डिपो नंबर- 7), काथरीगुप्पे (डिपो नंबर-13), और एचएसआर लेआउट (डिपो नंबर-25) पर ई-बसों के चार्जिंग का काम सौंपा जाएगा।
बीएमटीसी के चीफ ट्रैफिक मैनेजर ने दी ये जानकारी
डेकक्न हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बीएमटीसी के चीफ ट्रैफिक मैनेजर (ऑपरेशन) जीटी प्रभाकर रेड्डी के अनुसार, एसी ई-बसों ने काफी अच्छा परफॉर्मेंस किया है, लेकिन इसमें अचानक ब्रेक लगाने, गति बढ़ाने और घोषणा करने जैसी टेक से जुड़ी समस्याएं भी हैं। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चर्स की तरफ से ड्राइवरों को शामिल करने में अधिक समय ले रहा है, जिसकी वजह से बसों को शुरु करने में देरी हो रही है। वोल्वो डिवीजन के प्रभारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोपॉरेशन के पास पहले 560 वोल्वो बसें थीं, लेकिन अब उनके पास केवल 450 बसें रह गई हैं, जिनमें 308 वज्र बसें और 142 वायु वज्र बसें शामिल हैं।


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