Stock Market Crash Reason: शेयर बाजार मचा हाहाकार! इन 5 वजहों सेंसेक्स-निफ्टी में 1-1% से ज्यादा की गिरावट

Stock Market Crash Reason: मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण आज शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की जा रही. कारोबारी सेशन में सेंसेक्स में 900 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी में 1% की गिरावट दर्ज की गई. कमजोर ग्लोबल संकेतों और ईरान पर इजरायल के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार ने बाजार पर दबाव डाला. उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार बिकवाली ने भी बाजार के गिरावट को और बढ़ा दिया.

मिडिल ईस्ट में तनाव से बाजार फिसला

आज 13 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में तेज गिरावट आई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,340 अंक गिरकर 80,350 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 415 अंक गिरकर 24,473 पर आ गया. हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की रिकवरी दिखी. सुबह टॉप लूजर्स में कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, अडानी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स समेत अल्ट्राटेक सीमेंट और एशियन पेंट्स के शेयर शामिल रहे.

black-friday-stock-market-crash

बाजार में गिरावट की अहम वजह

    1. मध्य पूर्व में तनाव: इजरायल की ओर से शुक्रवार की सुबह ईरान पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में एक बड़े संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया. इन हमलों में ईरान की मुख्य परमाणु संवर्धन सुविधा सहित कई स्थलों को निशाना बनाया गया. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के खिलाफ "कड़ी सजा" की चेतावनी दी, जिससे आगे जवाबी कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है.
    2. कमजोर ग्लोबल संकेत: साउथ कोरिया के कोस्पी, जापान के निक्केई 225, शंघाई के SSE कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग के हेंगसेंग सहित एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ. वॉल स्ट्रीट वायदा भी सुबह के ट्रेड में 1 फीसदी से ज्यादा टूट गए.
    3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: इजरायल के हमलों की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड 12 फीसदी बढ़कर 77 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. इस घटना ने तेल समृद्ध मिडिल ईस्ट से सप्लाई में दिक्कतों को रुकावट की आशंकाएं बढ़ा दी है. बता दें कि भारत अपनी तेल जरूरतों का 85 फीसदी से ज्यादा इंपोर्ट करता है. नतीजनत, कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से फिस्कल डेफिसिट का खतरा है और रुपए पर और दबाव पड़ सकता है.
    1. एफआईआई की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने गुरुवार को 3,831.42 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ गया.
    2. रुपए में कमजोरी: मजबूत डॉलर की मांग, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, कमजोर घरेलू इक्विटी और लगातार विदेशी फंड के बहिर्वाह के कारण शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 56 पैसे गिरकर 86.08 पर आ गया.

अब कहां रहेगी नजर?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अगर इजरायल का हमला और ईरान की ओर से जवाबी हमला लंबे समय तक जारी रहता है तो इसके आर्थिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 12% बढ़कर 78 डॉलर हो गई हैं. बाजार पर इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि संघर्ष कितने समय तक जारी रहता है. शॉर्ट टर्म में बाजार जोखिम से बचाव की कंडीशन में रहेगा.

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+