IRDAI On Bima Sugam: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया यानी आईआरडीएआई के द्वारा एक ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया गया है और इस पर लोगों से 4 मार्च तक राय मांगी गई है। गौरतलब है कि इस अथॉरिटी के द्वारा यह ड्राफ्ट रेगुलेशन सम बीमा एप्लीकेशन को लेकर जारी किया गया है। अगर आईआरडीएआई द्वारा इस एप्लीकेशन को लाॉन्च कर दिया जाता है तो लोगों की बीमा पॉलिसी और कंपनियों से जुड़ी कई समस्याएं बड़ी आसानी से सॉल्व हो जाएंगी।
मिल रही जानकारी के मुताबिक ये एप्लीकेशन पॉलिसी होल्डर और कंपनियों के बीच में इंटरमीडिएट प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि या बीमा सुगम एप्लीकेशन एक इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस मार्केटप्लेस की तरह तैयार किया जा रहा है। इसे खास तौर पर बीमा कंपनी और पॉलिसी धारक के बीच में इंटरमीडिएट होस्ट माना जा रहा है। इस इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस मार्केट प्लेस में आपको बड़ी आसानी से लाइफ हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी मिल जाएगी।

क्या है इस एप्लीकेशन की खासियत
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एप्लीकेशन के जरिए आप इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के अलावा उसकी सर्विसिंग क्लेम सेटेलमेंट और किसी भी शिकायतके समाधान जैसी सेवाएं भी मिलेंगे। आपका टीम बार-बार प्रक्रिया नहीं हो रहा है या फिर रद्द कर दिया जा रहा है तो भी आप इस बात की शिकायत डायरेक्ट इस एप्लीकेशन के जरिए कर सकते हैं और आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी अगर यह प्लेटफॉर्म लाती है, तो इंश्योरेंस सेक्टर का ग्रीवेंस रिड्रेसल काफी ज्यादा तेज और आसान बन सकता है।
इस एप्लीकेशन की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत आपको किसी भी तरह की फीस नहीं देनी होगी। कंपनी के द्वारा सी एप्लीकेशन के लिए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया गया है और 4 मार्च तक की लोगों की राय मांगी गई है।
जानकारी के लिए बताते चलें कि इस एप्लीकेशन को कंपनीज एक्ट 2013 के तहत बनाया गया है। इस कंपनी का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होगा। गौरतलब है कि इस एप्लीकेशन में लाइफ जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की पार्टनरशिप भी होगी।
हालांकि किसी भी कंपनी के द्वारा इस एप्लीकेशन को कंट्रोल नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए इंश्योरेंस अथॉरिटी के द्वारा ही दो सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी और एक रिस्क मैनेजमेंट कमेटी भी बनाई जाएगी। ॉ
पॉलिसी रेगुलेटर के मुताबिक इस एप्लीकेशन पर 2 साल से काम किया जा रहा है और यह पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा करने में काफी अहम भूमिका निभा सकता है। अगर यह एप्लीकेशन आ जाता है तो ज्यादातर लोगों की इंश्योरेंस पॉलिसी तक पहुंच काफी ज्यादा आसान हो जाएगी और इससे इंश्योरेंस कंपनीज को भी काफी फायदा मिलेगा।
जानकारी के लिए बताते चलें कि इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीएआई साल 2047 तक पूरे देश की आबादी को इंश्योरेंस के अंतर्गत ले आना है।
अगर यह एप्लीकेशन मार्केट में आ जाता है तो इस इंश्योरेंस सेक्टर वाली कंपनियों को काफी फायदा हो सकता है। क्योंकि यहां पर बड़ी आसानी से लोगों को कई इंश्योरेंस पॉलिसी मिल जाएगी जल्दी वह अपने हिसाब से खरीद सकते हैं। इसके अलावा अगर उन्हें क्लेम में या दूसरी किसी और तरह की दिक्कत आती है, तो उसे भी इसी एप्लीकेशन के जरिए बड़ी आसानी से सुलझाया जा सकता है।
यही कारण है कि इस एप्लीकेशन को कंपनी और पॉलिसी होल्डर के बीच मौजूद बॉन्ड को और बेहतर बनाने में मददगार माना जा रहा है।


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