Bihar Sarkar Yojana: केंद्र सराकर से लेकर राज्य सरकारें अलग-अलग तरह की योजनाएं चलाती रहती है। बिहार सरकार ने एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है "अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना" है। इस योजना का मकसद है समाज में जाति के नाम पर भेदभाव को खत्म करना और सबको बराबरी का हक देना।

क्या है अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना ?
इस योजना के तहत, अगर कोई लड़का और लड़की अलग-अलग जातियों से होते हैं और आपस में शादी करते हैं, तो सरकार उन्हें आर्थिक मदद देती है। इस मदद से शादी के बाद की जिंदगी शुरू करने में थोड़ी राहत मिलती है और समाज में समानता का संदेश भी जाता है।
इस योजना का मकसद सिर्फ पैसों की सहायता देना नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य है समाज में फैली जात-पात की दीवार को तोड़ना और ऐसा माहौल बनाना जहां विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को जाति से ऊपर देखा जाए।
इतने रुपये की मिलती है आर्थिक सहायता
बिहार सरकार की यह योजना समाज में पॉजिटिव बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत अगर कोई युवक या युवती अंतरजातीय विवाह करता है, तो सरकार कम से कम 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है। अगर शादी करने वाले दंपति में से कोई एक दिव्यांग है, तो यह सहायता बढ़कर 2 लाख रुपये हो जाती है और यदि पति-पत्नी दोनों ही दिव्यांग हैं और उन्होंने अंतरजातीय विवाह किया है, तो उन्हें 3 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। यह रकम सीधे महिला या दिव्यांगजन के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
ये है योजना की एलिजिबिलिटी
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। इसमें लड़के की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए और लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
इसके साथ ही इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ और जरूरी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं। दोनों व्यक्ति बिहार के स्थायी निवासी होने चाहिए। विवाह करने वाले दंपति में से कम से कम एक व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से होना चाहिए और दोनों का परिवार गरीबी रेखा (BPL) के नीचे होना चाहिए। अगर दंपति में से किसी एक को दिव्यांगता है, तो उसके पास कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
ऐसे करें अप्लाई
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी सरल है। इच्छुक युवक-युवती सबसे पहले ई-सुविधा पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन कर के योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है।
आवेदन करते समय कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होते हैं। इसमें आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, शादी का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक की कॉपी और पति-पत्नी की संयुक्त फोटो आपके पास होनी चाहिए।
जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे अपने जिले के सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से ऑफलाइन फॉर्म प्राप्त करके भी आवेदन कर सकते हैं।


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