Vande Bharat Express: वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही परिचालन दिल्ली से कई दूसरे स्थानों पर चलने वाली 20 कोच वाली ट्रेनों के साथ विस्तारित होगा। मौजूदा समय में ट्रेनें 8 और 16 कोचों के साथ चल रही हैं। महाप्रबंधक ने कई सारे उत्तर रेलवे मार्गों पर और ज्यादा कोच जोड़ने को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने के लिए संघर्ष करने की समस्या से निजात दिलाना है।

स्पीड जांच
अगस्त में मुंबई-अहमदाबाद रूट पर 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल परीक्षण किया गया था। उत्तर रेलवे के कई दूसरे रूटों पर भी इस अधिकतम गति को बनाए रखने की अनुमति मिल गई है। कोचों की संख्या बढ़ाने से अधिक यात्री आराम से यात्रा कर सकेंगे।
इस पहल से खास तौर पर दिल्ली और उत्तरी रेलवे नेटवर्क के दूसरे शहरों से वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने वालों को फायदा होगा। इस समय सबसे ज़्यादा 11 वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से चलती हैं, जिनमें वाराणसी और कटरा के रूट भी शामिल हैं, जहां अक्सर यात्रियों की भारी मांग रहती है।
यात्रियों की मांग पर ध्यान देना
त्यौहारों और गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान ज्यादा मांग के कारण कन्फर्म टिकट मिलन अपने आप में एक कठिन कार्य दिखता है। कोचों की संख्या बढ़ाकर, अधिक यात्रियों को समायोजित किया जा सकता है, जिससे वेटिंग टिकट की समस्या का समाधान हो सकता है। वर्तमान 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन में दो एग्जीक्यूटिव एसी चेयर कार और 14 एसी चेयर कार शामिल हैं, जिसमें कुल 1204 सीटें हैं।
एग्जीक्यूटिव एसी चेयर कार में 56 सीटें हैं, जबकि हर एसी चेयर कार में 78 सीटें हैं। अधिक कोच जुड़ने से निकट भविष्य में सीटिंग क्षमता में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
भविष्य में गति में वृद्धि
करीब पांच साल पहले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना की घोषणा की गई थी। इस परियोजना पर काम जारी है, और मौजूदा समय में कई रेल खंडों पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परीक्षण किया जा रहा है। अगले चरण में 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों ने अगले साल मार्च तक दोनों मार्गों पर गति क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह विकास रेल सेवाओं को बेहतर बनाने और बढ़ती यात्री मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
वर्तमान मार्ग और भविष्य की योजनाएं
दिल्ली से चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में नई दिल्ली-वाराणसी (दो ट्रेनें), नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा (दो ट्रेनें), नई दिल्ली-अंब अंदौरा (हिमाचल प्रदेश), हज़रत निज़ामुद्दीन-रानी कमलापति, नई दिल्ली-अजमेर, नई दिल्ली-देहरादून, हज़रत निज़ामुद्दीन-खजुराहो और पुरानी दिल्ली-अमृतसर शामिल हैं।
कोचों की संख्या में इस विस्तार से इन मार्गों पर यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव में सही सुधार होने की उम्मीद है। क्षमता संबंधी मुद्दों को संबोधित करके और स्पीड क्षमताओं को बढ़ाकर, भारतीय रेलवे का लक्ष्य सभी यात्रियों के लिए अधिक कुशल और आरामदायक यात्रा उपलब्ध करना है। भारतीय रेलवे हमेशा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराने की कोशिश में रहता है।


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