कोरोना की वजह से पूरा देश थमा हुआ है। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के 1071 मामले आ चुके हैं जिनमें से 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
नई दिल्ली: कोरोना की वजह से पूरा देश थमा हुआ है। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के 1071 मामले आ चुके हैं जिनमें से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। लोग घरों में कैद है और अधिकतर देशों में लॉकडाउन है। भारत में भी 21 दिन का लॉकडाउन है। कोरोनावायरस के लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित इन्फॉर्मल सेक्टर के कामगारों के लिए सरकार सीधे सैलेरी देने पर विचार कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्री को मिलने वाले पैकेज में ये एक अहम हिस्सा रहने वाला है।

बेरोजगारों को सरकार देगी सैलरी
बता दें जानकारी के अनुसार बेरोजगारों को सरकार सैलरी दे सकती है। इन्फॉर्मल सेक्टर के बेरोजगार कामगारों को सैलरी देने पर विचार किया जा रहा है। इनको सीधे सैलेरी देने के अलग-अलग विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन से हुए बेरोजगार हुए इन्फॉर्मल सेक्टर कामगारों को सैलेरी का 50 फीसदी हिस्सा देने का विकल्प अपनाया जा सकता है। इनको एकमुश्त न्यूनतम रकम देने का भी विकल्प है। एकमुश्त न्यूनतम रकम देने की योजना को तहत इन्फॉर्मल सेक्टर के कामगारों कम से कम 5000 रुपये दिये जा सकते हैं। वहीं तीसरे विकल्प के तहत सब्सिडी के तौर पर भी सैलेरी दी जा सकती है या फिर सैलेरी का एक हिस्सा इंटरेस्ट फ्री लोन के तौर पर संभव है। ये लोन कंपनियों को दिया जा सकता है।
21 दिनों का देशव्यापी लॉक डाउन
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पीएमओ में इस मुद्दे पर नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के बीच बैठक हुई है। इंडस्ट्री राहत पैकेज का ऐलान इसी हफ्ते हो सकता है। देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों का देशव्यापी लॉक डाउन लगा रखा है। प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा था कि देश से वह कुछ हफ्ते मांग रहे हैं ताकि इस गंभीर बीमारी से लड़ा जा सके। अगर लोगों की भीड़ रहेगी तो कम्युनिटी संक्रमण फैलने का खतरा हैइसलिए 21 दिन का लॉकडाउन लगाया गया है।


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