नई दिल्ली, अगस्त 9। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारत सरकार 1,62,422 करोड़ रुपए की संपत्ति बेचेगी। पिछले वर्ष भारत सरकार ने छह लाख करोड़ रुपये का नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन प्रोग्राम शुरू किया था। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जवाब में कहा कि 97,000 हजार करोड़ की एसेट्स को पिछले वित्त वर्ष में बेचा गया था। अगस्त में पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन को लॉन्च किया था। इसमें ब्राउनफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को बेचने के लिए 4 साल की योजना बनाई गई है। वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2025 तक 6 लाख करोड़ रुपए के संपत्ति बेचने की योजना है।
मिनरल और कोल ब्लॉक की नीलामी की गई
पंकज चौधरी की तरफ से कहा गया है कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य रेलवे से लेकर रोड और पावर से इन्फ्रा एसेट्स की वैल्यू को खोलना है। हाइवे टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर पर आधारित पीपीपी कंसेशंस, एनएचएआई का इनविट और पावरग्रिड इनविट का ट्रांजैक्शन किया गया। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान मिनरल और कोल ब्लॉक की नीलामी की गई।
वर्ष 2022–25 तक छह लाख करोड़ रु की संपत्ति बेचे जाने है
सरकार की तरफ से नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन में ब्राउनफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर संपत्ति को बेचने के लिए 4 वर्ष की योजना बनाई गई है। इसके तहत वर्ष 2022 से वर्ष 2025 तक छह लाख करोड़ रुपए की संपत्ति को बेचे जाने है। इसमें परिवहन एवं राजमार्ग, रेलवे, बिजली, पाइपलाइन एवं नेचुरल गैस, सड़क, सिविल एविएशन, शिपिंग पोर्ट्स एंड वाटरवेज, टेलिकम्युनिकेशंस, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, माइनिंग, कोल और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालयों से जुड़ी संपत्ति भी शामिल हैं।
सरकार सिर्फ अंडर-यूटिलाइज्ड संपत्ति को ही बेचेगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार सिर्फ अंडर-यूटिलाइज्ड संपत्ति को ही बेचेगी और इसका हक केवल सरकार के पास ही रहेगा और प्राइवेट सेक्टर के पार्टनर्स को तय समय के बाद अनिवार्य रूप से वापस करना होगा हम किसी प्रकार ही जमीन नहीं बेच रहे है।


Click it and Unblock the Notifications