
7th Pay Commission : बजट 2023 की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। मगर केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों को उसके पहले ही खुशखबरी दे सकती है। ये खुशखबरी काफी बड़ी होगी। दरअसल सरकारी कर्मचारियों की सैलेरी में इजाफा किया जा सकता है। सरकारी कर्मचारियों की सैलेरी में इजाफा हो तो उनके लिए इससे बड़ी खुशखबरी क्या हो सकती है। पर अहम बात यह है कि सरकार को तीन मामलों में ये फैसला लेना है। आगे जानते हैं क्या-क्या हैं ये मामले।
किन मुद्दों पर होगा फैसला
सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2023 में सरकार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े एक-दो नहीं बल्कि तीन मुद्दों पर फैसला कर सकती है। इनमें डीए (महंगाई भत्ता) और डीआर (महंगाई राहत) में बढ़ोतरी पहला मामला है। दूसरा मुद्दा है फिटमेंट फैक्टर में रिवीजन का। इसी तरह तीसरा मामला है 18 महीने के डीए एरियर का। इन तीनों मामलों पर फैसला हो सकता है।
कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
अगर मोदी सरकार डीए-डीआर में बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर में रिवीजन और 18 महीने के डीए एरियर पर एक साथ फैसला लेती है तो कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। असल में इससे उनकी सैलरी में भारी इजाफा होने की उम्मीद रहेगी।
2 बार बढ़ता है डीए
गौरतलब है कि सरकार की तरफ से साल में 2 बार महंगाई भत्ता (डीए) और और महंगाई राहत (डीआर) में इजाफा किया जाता है। इनमें 1 जनवरी और 1 जुलाई को बदलाव होता है। अंतिम बार इसी साल सितंबर में डीए और डीआर में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी थी। उसका फायदा 48 लाख सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को हुआ। उससे पहले 3 फीसदी डीए बढ़ाया गया था। तब इसे बढ़ा कर 34 फीसदी कर दिया गया था। 3 फीसदी की बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत इस साल मार्च में की गयी थी।
2023 में डीए बढ़ेगा
जो रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उनके अनुसार मार्च 2023 में डीए और डीआर में 3-5 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है। बढ़ी हुई दरें जनवरी 2023 से लागू हो जाएंगी। जब ये बढ़ोतरी अमल में आ जाएगी तो डीए 43 फीसदी तक पहुंच सकता है। जैसा कि हमने बताया 18 महीने के डीए एरियर पर भी फैसला हो सकता है। असल में कोविड काल में जनवरी 2020 से लेकर जून 2021 तक डीए नहीं बढ़ाया गया था। यदि इस पर फैसला होता है तो 18 महीने का डीए एरियर दिया जाएगा। ये पैसा कर्माचरियों के पे बैंड और स्ट्रक्चर पर आधारित होगा।
फिटमेंट फैक्टर
अंत में बात आती है फिटमेंट फैक्टर की। कर्मचारी यूनियन सैलरी में फिटमेंट फैक्चर बढ़वाना चाहते हैं। वे इस मामले में सरकार पर दबाव भी बना रहे है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा समय में नियमों के अनुसार 15,000 रुपये है। पर यदि इसमें बढ़ोतरी होती है तो तब न्यूनतम बेसिक सैलरी 26,000 रुपये होगी। अभी कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना है। यानी अगर आपका बेसिक पे 15,500 रुपये है तो टोटल इनकम बनती है 15,500×2.57 या 39,835 रु। पर इसी को बढ़ा कर 3.68 गुना करने की मांग की जा रही है। इससे कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ेगी।
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