Nirav Modi Extradition : भगोड़ा आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के मामले में भारत को एक बड़ी जीत हासिल हुई है। नीरव मोदी यूके हाई कोर्ट में अपनी अपील हार गया है। अब उसे पीएनबी धोखाधड़ी मामले में उभारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने दिसंबर 2019 में मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के अनुसार अपराधी घोषित किया था। इस साल की शुरुआत में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अपील की सुनवाई की अध्यक्षता करने वाले लॉर्ड जस्टिस जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस रॉबर्ट जे ने अपने फैसले में कहा कि प्रत्यर्पण के पक्ष में पिछले साल जिला जज सैम गूजी के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश सही था।

2 अरब डॉलर का है केस
लंदन में हाई कोर्ट ने बुधवार को नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया। नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) लोन घोटाला मामले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहा है, जिसकी अनुमानित राशि 2 अरब डॉलर है। हाई कोर्ट में अपील करने की अनुमति यूरोपीय मानवाधिकार सम्मेलन (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 के तहत दो आधारों पर दलीलें सुनने के लिए दी गई थी। इनमें नीरव मोदी को उसकी मानसिक स्थिति के कारण प्रत्यर्पित करना अन्यायपूर्ण या दमनकारी होगा, इस पर गौर किया गया। दूसरे प्रत्यर्पण अधिनियम 2003 की धारा 91 है। ये भी मानसिक अस्वस्थता से संबंधित है।

क्या अब भी है मौका
नीरव मोदी अपील की सुनवाई हार चुका है, इसलिए मोदी पब्लिक इम्पोर्टेंस के कानून के पॉइंट के तहत सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। उसे उच्च न्यायालय के फैसले के 14 दिनों के भीतर ही उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में आवेदन करना होगा। हालाँकि, इसमें एच पेंच है और वे ये कि सर्वोच्च न्यायालय में अपील केवल तभी की जा सकती है जब उच्च न्यायालय ने प्रमाणित किया हो कि मामले में जनरल पब्लिक इंपोर्टेंस का कानून शामिल है।

दो तरीके के मामले में मोदी पर
नीरव मोदी दो सेटों के आपराधिक कार्यवाही का विषय है। इनमें एक है केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मामले में पीएनबी के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से संबंधित पत्र (एलओयू) या लोन समझौते, और दूसरे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला उस धोखाधड़ी की आय की लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। उन पर "सबूतों को गायब करने" और गवाहों को धमकाने या मौत का कारण बनने के लिए आपराधिक धमकी देने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं, जिन्हें सीबीआई मामले में जोड़ा गया।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications