PACL : सोमवार को पर्ल ग्रुप (पीएसीएल) के इनवेस्टर्स को जमा राशि को लौटाने से संबंधित उच्चाधिकार-प्राप्त समिति हैं। उसनें 15 हजार रूपये तक के दावे करने वाले जो आवेदक हैं। उनको भुगतान की अनुमति दे ही हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की तरफ से एक सार्वजनिक सूचना में इस बात की जानकारी दी हैं सेबी की तरफ से कहा गया हैं। कि 15 हजार रूपये तक के जो दावे हैं। वो 1 नवंबर से 31 जनवरी 2023 तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके लिए जो सेबी हैं उन्होंने एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया हैं।

रिफंड की प्रक्रिया हैं जनवरी 2020 में शुरू हो गई थी
सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर एम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली यह जो समिति हैं। इसका गठन पीएसीएल में इन्वेस्ट करने वाले जो इनवेस्टर्स हैं। उनके पैसे को लौटने की व्यवस्था करने के लिए की गई थी। रिफंड की जो प्रक्रिया हैं वो जनवरी, 2020 में शुरू हो गई थी। मगर जो 5 हजार रूपये तक के दावे थे उसी का निपटान हो सका था। उसके बाद जो 10 हजार रूपये तक के जो दावे थे। उसको जनवरी-मार्च, 2021 में स्वीकार किए गए।

कंपनी ने निवेश 18 वर्षो में गैरकानूनी तरीके से हासिल किया था
जो पीएसीएल हैं उसको पर्ल ग्रुप के नाम से भी जाना जाता था। इस कंपनी ने आम लोगों से खेती और रियल एस्टेट जैसे कारोबार हैं। उसके आधार पर करीब 60 हजार करोड़ रूपये जुटाएं थे। कंपनी ने यह जो निवेश हैं। उसको 18 वर्षो के गैरकानूनी तरीके से हासिल किया था। जब कंपनी को पैसे लौटाने की बारी आई तो कंपनी पीछे हटने लगी। यह जो मामला हैं इसमें सेबी ने दखल दिया था और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।

निवेशकों को पैसे लौटाने के लिए 2016 में बनी थी कमेटी
यह जो कमेटी हैं इसका गठन वर्ष 2016 में हुआ था। इसका गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था। इस कमेटी ने पीएसीएल और उससे जुड़ी संस्थाओं की संपत्तियों को बेचकर 878.20 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए हैं। जो कुल वसूली हैं उसमें कंपनी के पीएसीएल की 113 संपत्तियों की नीलामी से मिले 86.20 करोड़ रुपये हैं वो भी शामिल हैं।


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