नई दिल्ली, जून 28। जीएसटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जीएसटी परिषद ने मंगलवार को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों में बदलाव को मंजूरी दे दी, जबकि राज्यों को सोने और कीमती पत्थरों की इंटर-स्टेट आवाजाही के लिए ई-वे बिल जारी करने की अनुमति दी गई। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की अध्यक्षता वाली परिषद ने चोरी की जांच के लिए उच्च जोखिम वाले करदाताओं पर एक जीओएम रिपोर्ट के साथ-साथ जीएसटी रजिस्टर्ड व्यवसायों के लिए कई अनुपालन प्रक्रियाओं को भी मंजूरी दी।
और क्या हुए बदलाव
अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए कमरे के किराए (आईसीयू को छोड़कर) पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने की भी सिफारिश की गयी है, जहां अस्पताल के कमरे का शुल्क प्रति दिन 5,000 रुपये से अधिक है। वहीं पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र, बुक पोस्ट और 10 ग्राम से कम वजन वाले लिफाफों के अलावा अन्य सभी डाकघर सेवाओं पर कर लगाये जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, चेक या बुक फॉर्म में 18 प्रतिशत कर लगाये जाने की सिफारिश की गयी है।
उच्च जोखिम वाले करदाता
राज्य के वित्त मंत्रियों के एक पैनल की एक रिपोर्ट ने जीएसटी के तहत उच्च जोखिम वाले करदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद सत्यापन का सुझाव दिया था। इसके अलावा ऐसे करदाताओं की पहचान के लिए बिजली बिल डिटेल और बैंक खातों के सत्यापन का उपयोग किया था। बताते चलें कि जून 2022 से आगे राज्यों को मुआवजे के विस्तार और कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बुधवार को होगी।
इन चीजों से हटेगी छूट
मंगलवार को हुई बैठक में, परिषद ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई की अध्यक्षता में राज्य के वित्त मंत्रियों के समूह की अंतरिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें इंवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार और कुछ वस्तुओं पर टैक्स छूट को हटाने सहित, दरों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है। मंत्री समूह ने कई सेवाओं पर जीएसटी छूट को वापस लेने का सुझाव दिया था, जिसमें प्रति दिन 1,000 रुपये से कम के होटल आवास शामिल हैं। इसकी जगह 12 प्रतिशत टैक्स लगाना था।


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