नयी दिल्ली। कोरोनावायरस न फैले इसलिए सरकार ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर रखा है। मगर इससे लोगों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें गरीब, प्रभावित लोगों के अलावा संगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अगले तीन महीनों तक कंपनी और कर्मचारी दोनों की तरफ से 12-12% ईपीएफ योगदान का भुगतान करेगी। यानी केंद्र सरकार अगले तीन महीने तक कंपनी और कर्मचारियों की तरफ से 12 फीसदी + 12 फीसदी EPFO में जमा करेगी। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जिनके पास 100 से कम कर्मचारी हो और 90 फीसदी कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपए से कम हो। सरकार के इस फैसले से संगठित क्षेत्र के 80 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 4 लाख से ज्यादा फर्मों को फायदा मिलेगा।
ईपीएफओ नियमों में बदलाव
इसके अलावा सरकार ने ईपीएफओ नियमों में भी बदलाव किया है। नये नियमों के अनुसार ईपीएफओ के तहत श्रमिकों को उनका 75 फीसदी नॉन-रिफंडबेल एडवांस या 3 महीने का वेतन, जो भी कम हो, को निकालने की अनुमति मिलेगी। सरकार के इस कदम से 4.8 करोड़ कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। सीतारमण ने कोरोनोवायरस महामारी और इसके चलते किये गये लॉकडाउन की स्थिति के कारण आर्थिक संकट से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। वित्त मंत्री ने पहले ही कुछ उपायों की घोषणा कर चुकी हैं। इनमें टैक्स जमा करने की समय सीमा बढ़ाना, बचत खाते के लिए न्यूनतम बैलेंस नियमों में ढील, इन्सॉल्वेंसी फाइलिंग की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ा कर एक करोड़ रुपये किया जाना शामिल है।
पीएम ने किया था टास्क फोर्स का ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कुछ बड़े ऐलान किये थे। प्रधान मंत्री ने वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक आर्थिक टास्क फोर्स की घोषणा की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21-दिवसीय लॉकडाउन से कंपनियों की आमदनी प्रभावित होगी और उनकी मुनाफे पर भी असर पड़ेगा। विभिन्न रेटिंग एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की अनुमानित विकास दर भी घटाई है।
आरबीआई भी दे सकता है बड़ी राहत
वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को एक पत्र लिख कर कोरोनावायरस महामारी के कारण आर्थिक तबाही से निपटने में मदद करने के उद्देश्य से आपातकालीन उपाय लागू करने पर विचार करने को कहा है। इनमें किसी भी लोन की ईएमआई भरने वालों को भी राहत दिए जाने का फैसला लिया जा सकता है। इसके लिए उन्हें ईएमआई भरने का अधिक समय मिल सकता है। सरकार ने ईएमआई के भुगतान पर कुछ महीनों की मोहलत, ब्याज और ऋण अदायगी के साथ साथ एनपीए के वर्गीकरण में छूट का सुझाव दिया है।
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