नई दिल्ली, जुलाई 25। आज के समय में आधार कार्ड बहुत आवश्यक दस्तावेज बन गया हैं। देश में किसी भी सरकारी और फाइनेंशियल योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता होती हैं। बच्चों के स्कूल, कॉलेज में एडमिशन और ट्रेवल के दौरान हर जगह इसे आईडी प्रूफ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कई जालसाजी करने वाले लोग नकली आधार कार्ड बनवा लेते हैं। यूआईडीएआई ने लगभग छः लाख नकली आधार कार्ड को रद्द कर दिया है।
नए तरीके का बायोमेट्रिक मिलान
आधार कार्ड की तेजी से बढ़ रही डुप्लीकेंसी को रोकने के लिए यूआईडीएआई ने एक नया तरीका खोज लिया है।यूआईडीएआई नए तरीके का बायोमेट्रिक मिलान लाने की तैयारी में है। जिसमें फेस मतलब की चेहरे को जल्द आधार कार्ड वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। आपको बता दे अभी तक मात्र फिंगरप्रिंट और आई की मदद से आधार कार्ड वेरिफिकेशन होता था।
यूआईडीएआई ने की फर्जी वेबसाइट्स पर कार्रवाई
फर्जी आधार कार्ड के मामले पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जानकारी देते हुए सदन को बताया कि यूआईडीएआई ने गलत तरीके से आधार कार्ड सर्विस देने फर्जी वेबसाइट्स पर कार्रवाई की है। जल्द ही डुप्लीकेट आधार कार्ड बनाने वाली साइट्स को ब्लॉक करने का आदेश भी दिया गया है।
11 वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश
यूआईडीएआई को जनवरी 2022 नकली आधार कार्ड बनाने वाली वेबसाइट्स की शिकायत मिली थी। उसके बाद यूआईडीएआई ने इन नकली आधार कार्ड बनाने वाली 11 वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इन वेबसाइटों के पास यूजर्स के नामांकन और बायोमेट्रिक जानकारी में संशोधन करने या निवासियों के मोबाइल नंबरों को आधार कार्ड से जोड़ने का अधिकार नहीं है। मोबाइल नंबर अपडेट करने पतों और तस्वीरों तक की सभी जानकारी को अपडेट करने के लिए यूजर्स को ऑफिशियल यूआईडीएआई वेबसाइट के साथ अधिकृत आधार केंद्रों पर जाना होता है।


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