नई दिल्ली, फरवरी 14। चाइनीज ऐप को लेकर भारत सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने 54 चाइनीज को बैन कर दिया है। इन ऐप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है। बता दें कि इन 54 चाइनीज ऐप में ब्यूटी कैमरा शामिल हैं। इसके अलावा स्वीट सेल्फी एचडी, ब्यूटी कैमरा - सेल्फी कैमरा, इक्वलाइज़र और बैस बूस्टर, कैमकार्ड फॉर सेल्सफोर्स एंट, आइसोलैंड 2: एशेज ऑफ टाइम लाइट, वाइवा वीडियो एडिटर, टेनसेंट एक्सरिवर, ओनमोजी चेस, ओनमोजी एरिना, ऐपलॉक और ड्यूल स्पेस लाइट भी इस लिस्ट में हैं।
जानिए पूरी डिटेल
नए आदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कहा कि ये चीनी ऐप भारतीयों के संवेदनशील डेटा को चीन में विदेशी सर्वरों में ट्रांसफर कर रहे थे। एक रिपोर्ट के अनुसार 54 ऐप्स को पहले ही प्ले स्टोर के माध्यम से भारत में एक्सेस करने से रोक दिया गया है। बता दें कि इन 54 चीनी ऐप्स में से ज्यादातर पहले से बैन हो चुकी एप्लिकेशन के क्लोन वर्जन हैं।
चीन पहुंच रहा डेटा
एक अधिकारी के हवाले से ईटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टेन्सेंट और अलीबाबा के कई ऐप्स ने अपनी ओनरशिप छिपाने के लिए हाथ बदल दिए (हिस्सेदारी दूसरे किसी को ट्रांसफर करना) हैं। इन्हें हांगकांग या सिंगापुर जैसे देशों से भी होस्ट किया जा रहा है, लेकिन डेटा अंततः चीनी डेस्टिनेशंस में मौजूद सर्वर पर जा रहा था। बाइटडांस के स्वामित्व वाले टिकटॉक और टेनसेंट के वीचैट जैसे ऐप वैकल्पिक माध्यमों (जैसे एपीके फाइलों के माध्यम से) डाउनलोड के लिए उपलब्ध थे और सरकार ने इसका संज्ञान लिया है।
2020 में हुई थी शुरुआत
इन 54 चीनी ऐप्स में से अधिकांश ऐप वे हैं जिन्हें 2020 में प्रतिबंधित कर दिया गया था और उन्हें फिर से "रीब्रांडेड या रीक्रिस्टेड अवतार" दिए गए। 2020 में, भारत सरकार ने सैकड़ों चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था। इनमें कुछ लोकप्रिय जैसे पबजी मोबाइल, पबजी मोबाइल लाइट, टिकटॉक, कैमस्कैनर शामिल थीं। ये प्रतिबंधित चीनी ऐप्स अब देश में उपलब्ध नहीं हैं।
क्यों लिया गया था फैसला
सरकार ने चीनी ऐप पर कार्रवाई भारतीय और चीन सैनिकों के बीच सीमा तनाव के बाद की थी। तब पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई थीं। फिर सरकार ने कुछ महीने बाद 118 और चीनी मोबाइल ऐप को ब्लॉक कर दिया था। चीन ने चीनी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध जारी रखने के भारत के फैसले का विरोध किया था और कहा था कि यह कार्रवाई विश्व व्यापार संगठन के गैर-भेदभावपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन है।
फ्री फायर ऐप
हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार फ्री फायर ऐप को गूगल प्ले स्टोर के साथ-साथ ऐप्पल ऐप स्टोर से भी हटा दिया गया है। ऐप को 12 जनवरी को ऐप स्टोर से हटा लिया गया था। गरेना या गूगल और ऐप्पल ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐप्पल ऐप स्टोर से फ्री फायर मैक्स ऐप को भी हटा दिया गया है, लेकिन यह प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। ध्यान रहे कि इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि देश में बैटल रॉयल गेम को ब्लॉक कर दिया गया है या नहीं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक तकनीकी दिक्कतों के चलते फ्री फायर एप को डीलिस्ट कर दिया गया है।
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