
Small Savings Schemes Interest Rate : क्या आप निवेश करते हैं? अगर आपका जवाब हां है तो अगला सवाल यह है कि क्या आप फिक्स्ड रिटर्न स्कीमों में निवेश करना पसंद करते हैं? अगर इस पर भी आपका जवाब हां है तो यह खबर आपके काफी काम की हो सकती है। दरअसल स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जो कि फिक्स्ड रिटर्न स्कीमें हैं। आगे जानिए बाकी डिटेल।
कुल 12 योजनाएं हैं
पोस्ट ऑफिस 12 स्मॉल सेविंग्स स्कीमों की पेशकश करता है। इनमें निवेश करके ब्याज के रूप में आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। निवेशकों के लिए हमेशा से ही छोटी बचत योजनाओं में निवेश को बेहतर विकल्प माना जाता है। इन 12 योजनाओं की ब्याज दरों की सरकार हर तीन में समीक्षा करती है। इसके बाद ब्याज दरों को रिवाइज किया जाता है। अब से पहले आखिरी बार 30 सितंबर को ब्याज दरों की समीक्षा हुई थी।
क्या लिया गया था फैसला
सितंबर में कुछ स्कीमों की ब्याज दरों में इजाफा किया गया था। अब फिर से दिसंबर में इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा होगी, जिसमें दरों में बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद है। ऐसे में जो लोग इन स्कीमों में निवेश करना पसंद करते हैं, उन्हें काफी फायदा हो सकता है। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं, जिनमें पीपीएफ, सुकन्या, सीनियर सिटीजन, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट आदि शामिल हैं, परोक्ष रूप से सरकार के अंतर्गत आती हैं।
5 योजनाओं की दरें बढ़ी थीं
दिसंबर में वित्त मंत्रालय स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी। तब दरें बढ़ाई जा सकती हैं। 30 सितंबर को 12 में से 5 योजनाओं की ब्याज दरें ही बढ़ाई गई थीं। वहीं 7 योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसलिए उम्मीद है कि अब इन 7 योजनाओं की दरें बढ़ाई जा सकती हैं।
किन स्कीमों की बढ़ सकती हैं दरें
जिन स्कीमों की ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं उनमें सेविंग डिपॉजिट स्कीम, 1 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम, 5 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम, 5 साल की रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं।
चेक करें इन योजनाओं की दरें
वर्तमान में इस समय सेविंग डिपॉजिट स्कीम की वर्तमान ब्याज दर 4 फीसदी, 1 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दर 5.5 फीसदी, 5 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दर 6.7 फीसदी, 5 साल की रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दर 5.8 फीसदी, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम की ब्याज दर 6.8 फीसदी, पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम की ब्याज दर 7.1 फीसदी और सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर 7.6 फीसदी है।
कैसे बदलती हैं ब्याज दरें
जैसा कि ऊपर जिक्र किया गया है कि सरकार हर तीन महीने में छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को तय करने का फॉर्मूला श्यामला कमेटी ने दिया था। कमेटी ने यह सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर समान परिपक्वता अवधि वाले सरकार के बॉन्ड्स के यील्ड से 0.25 फीसदी से लेकर 1 फीसदी अधिक होना चाहिए।


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