नई दिल्ली, जून 9। पिछले साल से ही किसान आंदोलन जारी है। किसान तीन नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसमें एमएसपी एक अहम मुद्दा रहा है। मगर इस बीच केंद्र सरकार ने एमएसपी को को लेकर किसानों के हित एक बड़ा फैसला किया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विपणन सीजन (मार्केटिंग सीजन) 2021-22 के लिए विभिन्न खरीफ फसलों या गर्मियों में बोई जाने वाली फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी। केंद्र ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए धान के एमएसपी को 72 रुपये बढ़ाकर 1,940 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो पिछले साल 1,868 रुपये प्रति क्विंटल था।
तिल का नया एमएसपी
तिल के लिए पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में 452 रु प्रति क्विंटल की बढोतरी की सिफारिश की गयी है। इसके बाद अरहर और उड़द, दोनों के लिए 300-300 रु प्रति क्विंटल, की सिफारिश की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की।
क्या होता है एमएसपी
एमएसपी वह रेट है जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है। एमएसपी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए तोमर ने कहा कि मौजूदा खरीद प्रणाली जारी रहेगी। उन्होंने कहा किसी को भी एमएसपी के बारे में कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। यह जारी है और बढ़ रहा है। यह जारी रहेगा।
क्या है किसानों की मांग
यह निर्णय तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच लिया गया है। किसानों और सरकार के बीच गतिरोध जारी रहने के कारण दिल्ली की सीमा पर पिछले नवंबर से चल रहे आंदोलन को फिर से तेज किया जा रहा है। किसान चाहते हैं कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाए। उन्हें डर है कि इनसे एमएसपी सिस्टम खत्म हो जाएगा। मगर सरकार ने आश्वासन दिया है कि एमएसपी जारी रहेगा।
आज हुई कैबिनेट की बैठक
इससे पहले आज पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने संचार, सिग्नलिंग सिस्टम को अपडेट करने के लिए रेलवे को 5 मेगाहर्ट्ज 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन को भी मंजूरी दे दी है।
फिलहाल कैसा है रेलवे में सिस्टम
रेलवे वर्तमान में ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करता है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा स्पेक्ट्रम की उपलब्धता के साथ रेलवे में रेडियो कम्युनिकेशन होगा। रेलवे में सिग्नल आधुनिकीकरण और 5जी स्पेक्ट्रम के लिए अगले 5 साल में 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


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