नई दिल्ली, जुलाई 28। भारतीय डिजिटल पेमेंट प्लेटफऑर्म पेटीएम की ई-कॉमर्स साइय पेटीएम मॉल को हैकर्स ने 2020 में कथित तौर पर हैक कर लिया था। उस समय भी कंपनी के डेटा चोरी होने की खबर आई थी लेकिन पेटीएम ने किसी भी डेटा ब्रीच से इनकार कर दिया था। कंपनी ने कहा था कि ग्राहको के डाटा के साथ कोई चूक नही हुई है। लेकिन अब रिपोर्ट आ रही है कि 3.4 मिलियन (34 लाख) यूजर्स का निजी डेटा लीक हुआ था। कंपनी ने मीडिया की रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिाय नहीं दी है।
2020 में चोरी हुआ था डेटा
हैव आई बीन प्वॉड नाम की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2020 में हुए डाटा ब्रीच में लगभग 3.4 मिलियन (34 लाख) यूजर्स के निजी डेटा के सा समझौता किया गया था। बेवसाइट पर मिल रही वेबसाइट के अनुसार डेटा में ग्राहको के "नाम, फोन नंबर, लिंग, जन्म तिथि, इनकम का ब्योरा और पिछली खरीदारी की डिटेल्स समेत ईमेल एड्रेस भी शामिल है। हैव आई बीन प्वॉड वेबसाइट के फाउंडर ट्रॉय हंट ने इस मामले में एक पुरानी रिपोर्ट ट्वीट की है।
कैसे जाने आपका डेटा लीक हुआ था कि नहीं
यह जानने के लिए कि क्या आपका भी डेटा उन 34 लाख यूजर्स के साथ लिक हुआ था कि नहीं, इसके लिए आपको फायरफॉक्स मॉनिटर पर फायरफॉक्स द्वारा शेयर किए गए लिंक में अपना ईमेल और/या फ़ोन नंबर डालना होगा। अगर साइय बताती है कि आपका डेटा लिक हुआ है तो आपको इसकी पूरी जानकारी आप hasibeenpwned लिंक को भी देख सकते हैं।
क्या है पूरा मामला
2020 में रिस्क इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म साइबल ने क्लेम किया था कि पेटीएम मॉल ई-कॉमर्स साइट को हैक कर लिया गया था। साइबर इंटेलिजेंस ने दावा किया था कि साइबर क्रिमिनलों ने क्रिप्टोकरेंसी के रुप में फिरौती मांगी थी। दावे के अनुसार हैकर्स ने कंपनी से 10 ETH की मांग की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पेटीएम ने हैकर्स को यह रकम दी थी। 2020 में पेटीएम ने इन खबरों का खंडन किया था, लेकिन अब डिटेल्स सामने आने के बाद कंपनी कुछ कहती नहीं दिख रही है।


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