HSBC-L&T MF Deal : एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) को एलएंडटी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट लिमिटेड (एलटीआईएम) का पूरी तरह से अधिग्रहण करने के लिए मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल गई है। मगर ये डील कुछ शर्तों और मंजूरियों के अधीन है। एलटीआईएम एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स लिमिटेड (एलटीएफएच) की सब्सिडरी कंपनी है और एलएंडटी म्यूचुअल फंड की निवेश प्रबंधक है।
क्या है एचएसबीसी का प्लान
इस अधिग्रहण यानी डील के पूरा होने के बाद, एचएसबीसी एलएंडटी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के कारोबार को अपने मौजूदा एसेट मैनेजमेंट बिजनेस के साथ मिला देगा, जिसके पास सितंबर 2022 तक 13,620 करोड़ रु की एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) हैं। बता दें कि एलएंडटी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट की सितंबर 2022 तक 71,703 करोड़ रुपये की एवरेज एयूएम और 22 लाख से अधिक एक्टिव फोलियो हैं। इससे यह वर्तमान में 14वीं सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड प्रबंधन कंपनी है।
मिलेगी बिजनेस को मजबूती
एचएसबीसी ने एक रिलीज में कहा है कि इस डील से भारत में एचएसबीसी के एसेट मैनेजमेट बिजनेस को मजबूत करने से इसकी भारत में अपने ग्राहकों की वेल्थ जरूरतों के साथ-साथ दुनिया भर में इसके बढ़ते अनिवासी भारतीय ग्राहक आधार की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता में वृद्धि होगी।
क्या होगा एलएंडटी म्यूचुअल फंड स्कीमों का
एलएंडटी म्यूचुअल फंड जिन म्यूचुअल फंड योजनाओं को ऑपरेट कर रही है, उनका एचएसबीसी म्यूचुअल फंड की पहचान की गई योजनाओं के साथ ट्रांसफर, विलय या कंसोलिडेट किया जाएगा। इसके अलावा, एलएंडटी म्यूचुअल फंड के स्पॉन्सरशिप, ट्रस्टीशिप, मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन को तदनुसार बदल दिया जाएगा।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी
दिसंबर 2021 में, एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी की भारतीय एसेट मैनेजमेंट यूनिट ने एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स लिमिटेड की म्यूचुअल फंड यूनिट को 3,191 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की थी ताकि इसके वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को बढ़ावा दिया जा सके। इस डील को मार्च 2022 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी मिल गई।
एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी
एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी एक ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय यूनिवर्सल बैंक और वित्तीय सेवा होल्डिंग कंपनी है। दिसंबर 2021 तक 2.953 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर के साथ, यह बीएनपी पारिबा से कुल संपत्ति के हिसाब से आगे और यूरोप का सबसे बड़ा बैंक है। 2021 में, एचएसबीसी के पास एसेट अंडर कस्टडी (एयूसी) में 10.8 ट्रिलियन डॉलर और एसेट अंडर एडमिनिस्ट्रेशन (एयूए) में 4.9 ट्रिलियन डॉलर थी। एचएसबीसी की उत्पत्ति ब्रिटिश हांगकांग के एक होंग से हुई है, और इसका वर्तमान स्वरूप लंदन में हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 1991 में एक नए समूह होल्डिंग कंपनी के रूप में बिजनेस करने के लिए स्थापित किया गया था।
More From GoodReturns

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis

Vi का नाइट अनलिमिटेड डेटा: क्या आपके रिचार्ज में फ्री डेटा मिल रहा है? रिचार्ज से पहले ये जरूर देखें

30 से 180 दिनों के लिए निवेश: लिक्विड फंड्स, आर्बिट्राज या FD—कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?

Indo-MIM IPO: लिस्टिंग गेन का लालच या SIP की लंबी रेस? निवेश से पहले ये जरूर पढ़ें



Click it and Unblock the Notifications