नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी जियो को लेकर एक बड़ी खबर आयी है। दरअसल अमेरिकी दिग्गज कंपनी फेसबुक रिलायंस जियो में हिस्सेदारी खरीद सकती है। फेसबुक मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है। सोशल मीडिया दिग्गज जियो में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के शुरुआती समझौते करीब है। मगर कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में आ रही अड़चनों के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस सौदे मार्च अंत यानी मौजूदा दिनों में घोषित किये जाने की संभावना था। वैसे पिछले साल ऐसी भी रिपोर्ट आईं थीं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो का आईपीओ ला सकती है। जियो का आईपीओ 2020 में ही आने की खबर थी। मगर शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ये बहुत मुश्किल है। कई कंपनियां पहले ही अपना आईपीओ प्लान टाल चुकी हैं।
गूगल भी जियो में चाहता है हिस्सेदारी
फाइनेंशियल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार एक और दिग्गज कंपनी जियो में हिस्सेदारी खरीदना चाहती है। रिपोर्ट के अनुसार गूगल भी जियो में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। Microsoft ने पिछले साल कहा था कि वे Jio के साथ कारोबारों को क्लाउड-कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करेगी। बता दें कि भारत 32.8 करोड़ मासिक उपयोगकर्ताओं के साथ फेसबुक के लिए सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी की व्हाट्सएप मैसेजिंग ऐप के देश में 40 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
क्या है रिलायंस का उद्देश्य
रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक के साथ एक समझौते से मुकेश अंबानी को जियो की मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का कर्ज घटाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने में मदद मिलेगी। वे मार्च 2021 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज को शून्य कर्ज वाली कंपनी बनाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने रिफाइनिंग कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी सऊदी की अरामको भी बेचना चाहती है। अंबानी ने पिछले साल Jio को एक अलग कंपनी में बदलने की योजना की बात कही थी और कहा था कि संभावित निवेशकों की इसमें दिलचस्पी है।
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
2016 में शुरू होने के बाद रिलायंस जियो ने करीब तीन सालों में ही देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने का सफर तय किया। 37 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ 31 दिसंबर 2019 तक यह भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर और दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर है। यह देश में चौथी फिक्स्ड टेलीफोनी सबसे बड़ी कंपनी भी है। सितंबर 2019 में जियो ने होम ब्रॉडबैंड, टेलीविज़न और टेलीफ़ोन सेवाओं की पेशकश करते हुए फाइबर टू द होम सर्विस लॉन्च की।
More From GoodReturns

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका

ब्रिटानिया के Q1 नतीजे आज: क्या बिस्कुट-केक के दाम बढ़ेंगे? निवेशकों की इन बातों पर टिकी नजर

Ardee IPO: कल आखिरी मौका! आज ही UPI Mandate करें Approve, वरना हो सकता है आवेदन Reject



Click it and Unblock the Notifications