नई दिल्ली, मार्च 16। फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने बुधवार को कहा कि वह रिलायंस रिटेल से स्टोरों को वापस लेने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनका रिलायंस ने अधिग्रहण कर लिया है। फ्यूचर रिटेल ने यह भी कहा है कि वैल्यू एडजस्टमेंट के लिए आवश्यक सभी कार्यवाही भी करेगी। किशोर बियानी के नेतृत्व वाली फर्म ने यह भी कहा कि रिलायंस समूह की कार्रवाई कंपनी के लिए "आश्चर्य" की तरह है। इसके अलावा कंपनी ने कहा है कि इसके स्टोरों का अधिग्रहण करने की कार्रवाई ने सकारात्मक परिदृश्य को "जटिल" कर दिया है, जो दिसंबर 2021 में सीसीआई के आदेश के बाद बनना शुरू हो गया था।

रिलायंस ने किया अधिग्रहण
फरवरी में, रिलायंस रिटेल ने एफआरएल के कम से कम 300 स्टोरों का संचालन संभाला कर अपने कर्मचारियों को नौकरी की पेशकश की थी। तब किशोर बियानी के नेतृत्व वाला समूह लैंडलॉर्ड्स को लीज का भुगतान करने में विफल रहा था। एफआरएल के बोर्ड ने रिलायंस समूह को यह भी सूचित किया है कि एफआरएल से संबंधित स्टोर फिक्स्चर, स्टोर इंफ्रास्ट्रक्चर, मर्चेंडाइज, इन्वेंट्री इत्यादि जैसी संपत्तियां और इन स्टोरों के अंदर पड़ी संपत्तियां एफआरएल के उधारदाताओं के पक्ष में सिक्योरिटी के रूप में गिरवी रखी गई हैं।
नहीं किये हैंड ओवर
एफआरएल के अनुसार, ऐसी कई मीडिया रिपोर्टें और सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए हैं जिनमें अमेजन ने गलत रिपोर्टिंग की है कि एफआरएल ने एसआईएसी और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन करते हुए अपनी रिटेल एसेट्स रिलायंस को सौंप दी है। इस तरह की रिपोर्टिंग गलत और तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। एफआरएल ने कहा है कि रिलायंस समूह को स्टोर नहीं सौंपे हैं। इसके उलट एफआरएल के बोर्ड ने दो बैठकें कीं और रिलायंस समूह को सूचित किया कि रिलायंस समूह की दुकानों को लेने के लिए इस तरह की कठोर और एकतरफा कार्रवाई न केवल एफआरएल के लिए एक आश्चर्य के रूप में आई है बल्कि यह भी कहा कि इसने सकारात्मक परिदृश्य को जटिल बना दिया।


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