नई दिल्ली, सितंबर 12। दुनिया भर के निर्यातक और आयातक कंटेनरों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे न केवल कारोबार धीमा हुआ है, बल्कि सामान महंगा भी हो गया है। एक तरफ ये कुछ कंपनियों के लिए मुसीबत है तो वहीं कुछ कंपनियां इसकी शिकायत नहीं करना चाहेंगी। दो कंपनियों के शेयर (टाइगर लॉजिस्टिक्स और लांसर कंटेनर्स), जो व्यापारियों को कंटेनर सेवाएं ऑफर करती हैं, पिछले एक महीने में 100 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। शेयर बाजारों में निवेशकों की इन शेयरों में काफी दिलचस्पी बढ़ी है। 100 फीसदी से अधिक चढ़ने का मतलब है निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक होना।
104 फीसदी चढ़ा लांसर कंटेनर्स
290 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली लांसर कंटेनर्स का शेयर बीते एक महीने में 104 फीसदी ऊपर चढ़ा। पिछले 5 सालों में लांसर कंटेनर्स के शेयर मूल्य में 2,300 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इसकी इन्वेंट्री में धीरे-धीरे वृद्धि देखी गई है। 129 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली टाइगर लॉजिस्टिक्स हाल ही में सुर्खियों में आयी है। इन 2 शेयरों पर शायद ही किसी विश्लेषक ने दांव लगाने की सलाह दी है, क्योंकि ये निवेश के लिए विचार करने के मामले में काफी कम मार्केट कैप वाली कंपनियां हैं।
कुछ हजार शेयरों में हुआ कारोबार
बीएसई पर रोजाना इन कंपनियों के कुछ ही हजार शेयरों में कारोबार देखने को मिलता है। लांसर कंटेनर्स 27 इंटरनेशनल लोकेशन तक सेवाएं पहुंचाने का दावा करती है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि कंसोलिडेटेड आधार पर इसकी आय 42 फीसदी सीएजीआर, एबिटा 33 फीसदी और वेब राजस्व 55 फीसदी की दर से बढ़ी है।
लांसर कंटेनर्स की बाकी डिटेल
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी प्रशासन ने कहा कि उसने अपना वेब कर्ज घटाकर महज 3.4 करोड़ रुपये कर लिया है। इसके पास 31 मार्च, 2020-21 तक उपलब्ध पैसा 18.8 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था। पिछले सप्ताह जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में लांसर कंटेनर्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अब्दुल खालिक चटाईवाला का उल्लेख किया गया। जून तिमाही की जानकारी के अनुसार फर्म के पास कोई इंस्टिट्यूश्नल निवेशक नहीं था, जबकि प्रमोटरों के पास 74.44 फीसदी हिस्सेदारी थी।
टाइगर लॉजिस्टिक्स
टाइगर लॉजिस्टिक्स के बिजनेस को महामारी से प्रेरित प्रतिबंधों के कारण नुकसान हुआ था। फिर भी ऐसा लगता है कि बाद में इसकी हालत ठीक हो गयी है। फर्म ने 82 करोड़ रुपये की इनकम के साथ जून तिमाही में 4 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछली 5 तिमाहियों में सबसे अधिक था। फर्म को आगे ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट और रसद की मांग बढ़ती रहनी चाहिए, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था हाई ग्रोथ के रास्ते पर बनी हुई है।
निवेश करना चाहिए या नहीं
पहली बात कि यहां हम आपके साथ जानकारी शेयर कर रहे हैं। निवेश करना या न करना आपका अपना फैसला होगा। दूसरी बात कि यह छोटी कंपनियां हैं, इसलिए में अधिक अस्थिरता हो सकती है, जो जोखिम का अहम कारण बन सकती है। शेयर बाजार जोखिम वाली जगह है, जिसमें स्मॉल या माइक्रो कैप कंपनियां ज्यादा जोखिम वाली होती हैं।


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