नई दिल्ली, मई 18। ऐसे कई शेयर हैं, जो काफी कम समय में अच्छा रिटर्न देने वाले साबित हुए हैं। कुछ शेयर 2022 में तक निवेशकों का पैसा डबल कर चुके हैं। हाल ही में शेयर बाजार में आई गिरावट के बावजूद एक शेयर का रिटर्न 2022 में अब तक करीब-करीब 100 फीसदी ही रहा है। यहां हम आपको इसी शेयर की डिटेल देंगे। पूरी डिटेल के लिए खबर को अंत तक पढ़ें।
कौन सा है शेयर
वाडीलाल इंडस्ट्रीज निफ्टी 50 में देखी गई 6 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में 2022 में अब तक निवेशकों की संपत्ति को लगभग दोगुना कर चुका है। एसएंडपी बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में दर्ज 10 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद अभी भी ये एक अच्छा बाय-ऑन-डिप्स स्टॉक है। मगर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ही ये बेहतर है। बाय ऑन डिप्स का मतलब है कि गिरावट आने पर इसमें दाव लगाएं।
2022 में रिटर्न
वाडीलाल का शेयर 2022 में अब तक 98.19 फीसदी रिटर्न दे चुका है। ये 3 जनवरी को 980.90 रु पर था, जबकि कल 17 मई को यह 1944.05 रु पर बंद हुआ था। यानी ये 98.19 फीसदी रिटर्न दे चुक है और निवेशकों के 1 लाख रु को 1.98 लाख रु से अधिक बना चुका है। इसमें भी कमाई का मौका है। जानते हैं कितना है इसका टार्गेट।
कितनी है मार्केट कैपिटल
लगभग 1,400 करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल के साथ ये स्मॉल-कैप स्टॉक 9 मई को पहले 1,850 रुपये के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। स्टॉक मई में 1,645 रुपये के स्तर के पास सपोर्ट ले रहा है। कल ये 7.8 फीसदी की मजबूती के साथ 1944.35 रु के स्तर पर बंद हुआ था। जानकारों का सुझाव है कि 2022 में स्टॉक ने अब तक एकतरफा तेजी देखी है। नए इच्छुक निवेशक स्टॉक को 1,628-1,560-1,490-1,450 रु तक खरीदने पर विचार कर सकते हैं।
कहां तक जा सकता है शेयर
इसके शेयर के लिए संभावित लक्ष्य 2,000 रुपये से 2,300 रुपये हैं। यदि शेयर की कीमत नीचे की ओर गिरती हैं तो खरीदारी का स्तर (1,628 रुपये से 1,560 रुपये) - (1,490 रुपये से 1,450 रुपये) है। स्टॉप लॉस 1,380 रुपये पर रखें। स्टॉप लॉस का मतलब है कि यदि ये शेयर इस लेवल तक गिरता है तो घाटा उठा कर निकल जाएं।
क्या है इसका बिजनेस
वाडीलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक भारतीय आइसक्रीम और फ्लेर दूध निर्माता है। अप्रैल 2022 तक यह 115 साल पुराना है। वाडीलाल गांधी ने 1907 में सोडा फाउंटेन शुरू किया था। शुरुआत में यह एक "कोठी" (एक हाथ से क्रैंक की गई लकड़ी-बाल्टी आइसक्रीम बनाने वाली) में आइसक्रीम बनाते थे, अन्य सामग्री के साथ दूध को ठंडा करने के लिए बर्फ और नमक के साथ इसे मथते थे। 1926 में, उन्होंने विदेशों से आइसक्रीम बनाने की मशीनों का आयात किया। वाडीलाल देश में कई प्रकार के स्वादों और पैक्स (शंकु, कैंडी, बार, आइस-लॉली, छोटे, बड़े कप) के साथ देश में आइसक्रीम की एक बड़ी रेंज पेश करती है। सुपरमार्केट के अलावा, वाडीलाल की हैप्पीनेज़ आइसक्रीम पार्लर की अपनी चेन के माध्यम से एक रिटेल फ्रेंचाइजी भी है। वडीलाल ने गुजरात के लोगों के लिए खानपान शुरू किया था, इसलिए उनके सभी उत्पाद शाकाहारी हैं और अंडे का उपयोग नहीं करते हैं।


Click it and Unblock the Notifications