नई दिल्ली, अगस्त 30। जब आप 12 साल के थे तो अपना कितने पैसे कमाए? ये सवाल आपको काफी अटपटा लगेगा। क्योंकि आम तौर पर 12 साल का बच्चा भारत में 6-7 क्लास में होता है। इसलिए कमाई का तो सवाल ही नहीं होता। मगर कुछ बच्चे एक्स्ट्रा टेलेंट के साथ पैदा होते हैं और बहुत कम आयु में ही कमाई करना शुरू कर देते हैं। कुछ ऐसा ही कारनामा किया है लंदन के बेनयामीन अहमद ने। अहमद ने सिर्फ 12 साल की आयु में करोड़ों रु कमा लिए हैं। आगे जानिए कि अहमद ने ये कारनामा कैसे किया।
कमाए 2.93 करोड़ रु
लंदन के इस 12 वर्षीय किशोर अहमद ने अपने पिक्सेलेटेड डिजिटल व्हेल इमोजी कलेक्शन, जिसे वेर्ड व्हेल कहा जाता है, को नॉन-फंगिकल टोकन (एनएफटी) के रूप में बेचने के बाद लगभग 290,000 यूरो (2,93,38,798 रुपये) कमाए हैं। अहमद के कलेक्शन में 3,350 पिक्सेलेटेड व्हेल शामिल हैं। अहमद ने अपनी कमाई को एथेरियम के रूप में रखने का फैसला किया है, जिसमें उनका कलेक्शन बेचा गया था। अहमद पांच साल की उम्र से कोडिंग कर रहे हैं।
खर्च किए सिर्फ 300 डॉलर
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर सिर्फ 300 डॉलर खर्च किए, जो कि प्रत्येक एनएफटी को वेरिफाई करने के लिए ब्लॉकचेन से लिए गए गैस शुल्क की लागत थी। अहमद ने विभिन्न बैकग्राउंड्स, आई एक्सेसरीज, हेडगियर, माउथ एक्सेसरीज और बेसेस के आधार पर अपने कलेक्शन के लिए पिक्सेल आर्ट पर व्हेल को डिजाइन किया।
3,350 यूनीक डिजिटल कलेक्टिबल्स जनरेट किए
इसके बाद उन्होंने एक ओपन-सोर्स पायथन स्क्रिप्ट का उपयोग करके प्रोग्रामेटिक रूप से 3,350 यूनीक डिजिटल कलेक्टिबल्स जनरेट कीं, जिन्हें अहमद ने अपने कलेक्शन के लिए कस्टमाइज्ड किया था। एनएफटी वेबसाइट के अनुसार कस्टम ऑन-चेन और क्रिप्टोग्राफ़िक रूप से सुरक्षित उत्पत्ति के साथ एक जनरेटिव आर्ट प्रोजेक्ट में उपयोग की जाने वाली कवाई पिक्सेल व्हेल का यह पहला उदाहरण है।
पिता हैं सॉफ्टवेयर डेवलपर
अहमद और उनके भाई युसेफ को उनके पिता इमरान, जो कि एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, ने पांच और छह साल की उम्र में कोडिंग सीखने के लिए प्रोत्साहित किया था। इमरान कहते हैं कि इन लड़कों ने इसे एक मजेदार अभ्यास के रूप में करना शुरू कर दिया लेकिन बाद ये गंभीर हो गए। कोडिंग को चुनना आसान नहीं है, इसलिए वे बिना ब्रेक के हर दिन 20 से 30 मिनट अभ्यास करते थे।
क्या कहते हैं अहमद
अहमद कहते हैं कि मैं एक नेचुरल आर्टिस्ट नहीं हूं, लेकिन मैंने कुछ यूट्यूब वीडियो देखे और इस बात पर काम किया कि व्हेल को पिक्सेल रूप में कैसे ड्रॉ किया जाए। बेस इमेजेस और विभिन्न सहायक एक्सेसरीज बनाने में उन्हें कुछ सप्ताह लगे और फिर उन्होंने उन्हें अपने कार्यक्रम में शामिल किया। उनके कलेक्शन से कलेक्टरों द्वारा यूनीक आर्टवर्क ऑनलाइन बाजारों में बेचा जाता है, जिससे अपनी बिक्री से होने वाली कमाई के साथ-साथ, बेन्यामिन को 2.5 प्रतिशत की रॉयल्टी भी मिल रही है। उन्हें और उनके बड़े भाई, यूसुफ दोनों को उनके पिता इमरान द्वारा कोड करना सिखाया गया था, जिन्होंने लंदन स्टॉक एक्सचेंज के लिए सॉफ्टवेयर डेवलप किया है।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
