देश की सिलिकॉन वैली कही जाने वाली सिटी बेंगलुरू को लेकर बड़ा अपडेट है. कर्नाटक की राजधानी में जल्द की एक और एयरपोर्ट खुल सकता है. इस प्लान पर राज्य सरकार काम कर रही. कर्नाटक के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मंत्री एमबी पाटिल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इससे जुड़ी जानकारी दी. इसके तहत उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एयरपोर्ट के संबंध में रिपोर्ट तैयार करें.
अधिकारियों के साथ मीटिंग में राज्य मंत्री ने नए एयरपोर्ट की जरूरत पर चर्चा की. क्योंकि मेट्रोपोलिस सिटी की ग्रोथ तेजी से बढ़ रही. मंत्री एमबी पाटिल के अलावा मीटिंग में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की सचिव एन मंजुला, कर्नाटक इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर वीसी सतीश और एग्जीक्युटिव डायरेक्टर डीपी प्रकाश भी शामिल रहे.

बेंगलुरू में दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत क्यों?
एमबी पाटिल ने कहा कि केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) भारत का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है. यहां हर साल 3.7 करोड़ पैसेंजर्स और 4 लाख टन से ज्यादा सामान हैंडल किया जाता है. इसके चलते भारी ट्रैफिक होता है. ऐसे में शहर को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ग्रोथ को मैनेज करने के लिए इसकी जरूरत होगी. बता दें कि जब KIA शुरु हुआ था तब बेंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी BIAL ने राज्य सरकार के साथ एक समझौता किया था. इसके तहत 25 साल के लिए 150 किलोमीटर के रेडियस को लेकर समझौता हुआ था, जोकि साल 2033 में खत्म होने वाला है. इस लिहाज से केवल 9 साल ही बचे हुए हैं.
बेंगलुरू शहर में बसी जनसंख्या की बात करें तो ये करीब 1 करोड़ के आसपास है. यहां कई ग्लोबल कंपनियां हैं. KIA कर्नाटक के अन्य जिलों और हिस्सों के साथ हवाई रास्तों के तहत जोड़ने का काम कर रहा. अनुमान है कि साल 2033 तक KIA की पैसेंजर क्षमता अधिकतम स्थिति में पहुंच जाएगी. जबकि फ्रेट वॉल्युम 2040 तक पीक पर होगा.
कहां हो सकता है दूसरा एयरपोर्ट?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरू का दूसरा एयरपोर्ट टुमकुरु से चित्रदुर्ग के बीच में हो सकता है. एमबी पाटिल ने कहा कि मुंबई और गोवा की तरह शहर में कई एयरपोर्ट होगा. नए एयरपोर्ट के लिए लोकेशन की खोज अभी शुरूआती फेज में है.


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