Bengaluru weather today: बेंगलुरु के निवासियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय चल रहा है क्योंकि जल संकट जारी रहने के कारण बेंगलुरु में गर्मी का प्रकोप जारी है। शहर भीषण गर्मी की लहर के साथ-साथ लंबे समय तक जल आपूर्ति संकट के कारण लोग परेशान हैं। बेंगलुरु में पिछले एक सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

1 मार्च से 21 अप्रैल, 2016 और 2024 के आंकड़ों की तुलना करने पर, 2024 में औसत तापमान में मामूली वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से, 21 अप्रैल, 2016 तक 34 डिग्री सेल्सियस और उससे अधिक तापमान वाले 49 दिनों का अनुभव हुआ था, जबकि 2024 में 51 ऐसे दिन देखे गए हैं दिन। वहीं, 2016 में, 21 अप्रैल तक 35 डिग्री सेल्सियस और उससे अधिक तापमान वाले 33 दिन थे, जबकि 2024 में, यह संख्या 29 दिन है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2016 के बाद से बेंगलुरु में पिछले 8 सालों में अप्रैल महीने में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है।
अब तक का सबसे अधिक पारा स्तर अप्रैल 2016 में दर्ज किया गया था, उस समय शहर की वेधशाला ने 39.2 डिग्री सेल्सियस का उच्चतम स्तर रिकॉर्ड किया था। इस उच्चतम तापमान के मुकाबले, 02 अप्रैल 2024 को बेंगलुरु का तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जो 2016 के बाद से पिछले 8 सालों में सबसे अधिक है।
सिर्फ यही नहीं, पिछले कुछ दिनों में बेंगलुरु में दिल्ली से भी ज्यादा गर्मी दर्ज की गई है। पिछले सात दिनों 28 अप्रैल से 03 अप्रैल का औसत तापमान बेंगलुरु के लिए 36.2°C और दिल्ली (सफदरजंग) के लिए 35.2°C था।
इस समय के दौरान दिल्ली में 29 मार्च को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, बेंगलुरु में 02 अप्रैल को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह भी अनुमान लगया गया है कि अगले कुछ दिनों में तापमान का स्तर बढ़ेगा। बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, मांड्या, तुमकुर और मैसूर क्षेत्रों में अगले पांच दिनों में मौसम की स्थिति 2 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है।
कुछ समय पहले केंगेरी और येलहांका में दर्ज की गई बारिश भीषण गर्म मौसम की लंबी अवधि के अंत का प्रतीक भी माना जा रहा है।
बेंगलुरु में भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक वैज्ञानिकों के अनुसार, गर्मी की लहर को अल नीनो प्रभाव के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पिछले साल अल नीनो सूचकांक 1.5 पर था। इस साल यह घटकर 1.1 पर आ गया है और अगले कुछ महीनों में इसमें और कमी आने की उम्मीद है और यह तटस्थ स्तर पर पहुंच जाएगा।
जानिए बेंगलुरु में गर्मी के पीछे का कारण
आपको बता दें कि अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने का वर्णन करता है। यह दुनिया भर में सामान्य मौसम पैटर्न को बाधित करता है, जिससे बाढ़, सूखा और अन्य चरम मौसम की घटनाएं होती हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, कर्नाटक में गर्म मौसम की स्थिति अल नीनो प्रभाव में वृद्धि के कारण है लेकिन अभी भी इसके कम होने की उम्मीद है, जिससे मानसून अधिक संतुलित रहेगा।
More From GoodReturns

HDFC SmartBuy पर Amazon Pay वाउचर गायब: रिवॉर्ड पॉइंट्स बचाने का अब क्या है तरीका?

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट: आज इन 5 सेक्टर्स के शेयरों में दिखेगी हलचल, चेक करें लिस्ट

3 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!



Click it and Unblock the Notifications