IMD Weather Forecast: गर्मी से आखिर कब राहत मिलेगी? इस सवाल का जवाब जानने के लिए कई राज्यों के लोग परेशान हैं। वहीं, दूसरी तरफ मौसम विभाग ने एक जरूरी जानकारी दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार बेंगलुरु में लगातार पांच दिनों के लिए बारिश देखने को मिलेगी।

आज ऐसे रहेगा मौसम का हाल
आज बैंगलोर में तापमान 26.89 डिग्री सेल्सियस है। दिन का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 21.39 डिग्री सेल्सियस और 28.4 डिग्री सेल्सियस है। वहीं, कल, 12 जून, को बैंगलोर में न्यूनतम और अधिकतम तापमान 20.95 डिग्री सेल्सियस और 27.95 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आज के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होगी।
ऐसा रहेगा आने वाले दिनों में शहर का मौसम
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बेंगलुरु में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है।
अगले 48 घंटों के लिए, आईएमडी ने बेंगलुरु शहर और उसके आसपास आमतौर पर बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
कर्नाटक में मौसम बना रहेगा सुहावना
IMD के अनुसार, उत्तर कन्नड़ जिले में छिटपुट भारी से बहुत भारी बारिश और बादल गरजने के साथ हल्की बूंदे पड़ने की भी संभावना है। उडुपी जिले में छिटपुट भारी से बहुत भारी बारिश और बादल गरजने की संभावना है। दक्षिण कन्नड़ जिले में भी छिटपुट बारिश की संभावना है। बेलगावी, गडग, धारवाड़, कोप्पल जिलों में छिटपुट भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, साथ ही तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे) चलने का भी अनुमान है।
आपको बता दें कि बागलकोट, हावेरी, विजयपुरा जिलों में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ भारी से बहुत भारी बारिश भी अगले पांच दिनों में हो सकती है। रायचूर जिले में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ भारी बारिश और बादल के गरजने की संभावना है। शिवमोगा, बल्लारी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। चिकमगलुरु, दावणगेरे जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
साउथ इंटीरिटर कर्नाटक के कुछ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
क्या है इतनी अधिक बारिश होने के पीछे का कारण ?
दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर मध्य क्षोभमंडल स्तर (Tropospheric level) पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडल स्तर पर दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के पास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग पर स्थित है। केरल तट पर तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इसके कारण 12 जून के बाद भी उत्तरी आंतरिक और तटीय जिलों में गरज, बिजली, तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी जानकारी दी है कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और गोवा के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश हुई है।


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