Bengaluru Heavy Rainfall Alert: एक तरफ उत्तर भारत में लोग बारिश के लिए तरस रहें तो वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने हाल ही में पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
वहीं, कुछ जगहों पर हल्की बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया। बात करें अगर बेंगलुरु की तो बेंगलुरु में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। चलिए आपको बताते हैं कि मौसम विभाग ने बेंगलुरु के मौसम से जुड़ी क्या अपडेट दी है।

आज ऐसा रहेगा बेंगलुरु का मौसम
आज शहर का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह के समय तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और हवा लगातार 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
बेंगलुरु में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। आईएमडी ने शहर में आज मध्यम बारिश से तेज बारिश होने की संभावना है। बेंगलुरु में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ही आज बारिश होने की संभावना है।
इन जगहों पर बेंगलुरु में होगी जमकर बारिश
आईएमडी ने शहर में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर कन्नड़ दक्षिण और उडुपी जिलों में बिजली और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। भैरवगढ़, विजयपुरा, धारवाड़, कलबुर्गी और बागलकोट जिलों जैसे अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
शहर के तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान यह भी संकेत देता है कि पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।
यहां जारी हुआ गया रेड अलर्ट
आईएमडी ने भारी बारिश को लेकर असम, मेघालय में रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, असम और मेघालय में 17 से 19 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने अन्य राज्यों में बारिश की जानकारी भी दी है। अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 मई को भारी बारिश (64.5-115.5 mm) से बहुत भारी (115.5-204.4 mm) बारिश की संभावना है. इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी बारिश (64.5-115.5 mm) से बहुत भारी बारिश (115.5-204.4 mm) की संभावना है।
इस कारण से हो रही है अधिक बारिश
आइएमडी के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के अंतिम चरण अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। यह स्थिति ला नीला विकसित होने के कारण हो सकती है।
आपको बता दें कि अल नीनो प्रभाव का मतलब क्या है। प्रशांत महासागर में पेरू के निकट समुद्र की सतह के तापमान मे 4 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाती है। इससे वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव आते हैं। इसे अल नीनो कहते हैं। इसके कारण भारत में मानसून गड़बड़ा जाता है और बारिश कम होती है।
वहीं समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से कम होने पर ला नीना कहा जाता है। इससे चक्रवातों की दिशा बदलती है। ऐसे में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और भारत में अच्छी बारिश होती है।
उत्तर भारत में लोगों का बुरा हाल
अगले 4-5 दिन में पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। वहीं 15 से 17 जून तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और झारखंड में लू चलने की संभावना है।


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