Bengaluru New International Airport: बेंगलुरू के दूसरे एयरपोर्ट के लिए एएआई टीम (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने तीन प्रस्तावित की हुई लोकेशन को इंस्पेक्ट करना शुरू कर किया है। शहर में मौजूदा एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता के करीब पहुंच गया है। मंगलवार को इस टीम ने दो साइट्स को विजिट किया जोकि कनकपुरा रोड में स्थित है।

इन जगहों को AAI ने किया है विजिट
इसके अलावा बुधवार को नेलमंगला-कुनिगल रोड के पास स्थित एक साइट को भी टीम को इंस्पेट किया है। ये वीजिट 7 अप्रैल से शुरू होकर 9 अप्रैल तक तीन दिनों की अवधि के लिए रखी गई थी। एएआई को 1.2 करोड़ रुपये आवंटित करने के बाद किया गया है। हर साइट 4,500 एकड़ से अधिक में फैली हुई है, जिसमें विकास के लिए आवश्यक भूमि की आपूर्ति करना है।
बेंगलुरु में कनेक्टिविटी होगी बेहतर
इसका फोकस न केवल शहर की विमानन क्षमताओं को बढ़ाना है, बल्कि दूसरे एयरपोर्ट के विकास से जनता की राय को भी शामिल करना है। इस परियोजना से बेंगलुरु में कनेक्टिविटी और इकोनॉमी में मजबूती भी आएगी। बेंगलुरु के दूसरे हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित साइट का निरीक्षण शहर के विमानन और अवसंरचना विकास में एक अहम भाग है।
इस साल तक बन सकता है नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट
एएआई के महाप्रबंधक विक्रम सिंगम, संयुक्त महाप्रबंधक के. श्रीनिवास राव, सहायक महाप्रबंधक मनुज भारद्वाज, वरिष्ठ प्रबंधक सचिदानंद, संतोष कुमार भारती और अमन छिपा, प्रबंधकों के साथ एएआई टीम ने कनकपुरा और मैसूरु रोड के बीच पड़ऩे वाले जगहों का निरीक्षण किया है। विशेषज्ञ टीम ने आज बुधवार को नेलमंगला-कुणिगल रोड के पास तीसरी साइट को भी वीजिट किया है।
दो साइट्स का निरीक्षण करने के बाद, अधिकारियों ने इंडस्ट्री और इन्फास्ट्रक्चर विकास मंत्री एमबी पाटिल से मुलाकात की, जिन्होंने बेंगलूरु में दूसरे एयरपोर्ट की आवश्यकता और उद्योगपतियों की बढ़ती मांग पर प्रकाश डालते हुए एक लाइव प्रेजेंटेशन भी दिया था। राज्य सरकार नए हवाई अड्डे के लिए स्थल को अंतिम रूप देने में अधिकतम ट्रांसपरेंसी सुनिश्चित कर रही है। पाटिल ने कहा, 'सरकार बेंगलूरु की आवश्यकताओं और एएआई की सिफारिशों के आधार पर एयरपोर्ट के स्थान को अंतिम रूप देने का इरादा रखती है।'
कर्नाटक सरकार 2033 तक दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को परिचालन के लिए तैयार करने की योजना बना रही है। देवनहल्ली में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) के प्रमोटरों और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच इस लेकर समझौता भी हुआ था। यह समझौता मई 2033 तक केआईए से 150 किमी की हवाई दूरी के अंदर किसी भी एयरपोर्ट के संचालन पर रोक लगाता है।


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