नई दिल्ली, अगस्त 12। वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य करदाताओं की तुलना में छूट की सीमा अधिक मिलती है। आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक छूट की सीमा आय की वह मात्रा है जिस पर कोई व्यक्ति कर का भुगतान नहीं करता है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में वरिष्ठ नागरिक और अति वरिष्ठ नागरिक को छूट
वरिष्ठ नागरिक
वरिष्ठ नागरिक को सामान्य नागरिकों की तुलना में अधिक छूट की सीमा दी जाती है। निवासी वरिष्ठ नागरिक के लिए उपलब्ध वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए छूट की सीमा 3,00,000. रुपये है। सामान्य नागरिक के लिए छूट की सीमा 2,50,000 रुपये है। दोनों को टैक्स में मिलने वाली छूट में अंतर को निकाले तो यह लगभग 50 हजार रुपए का है। incometaxindia.gov.in के अनुसार, सामान्य कर दाताओं की तुलना में एक निवासी वरिष्ठ नागरिक के लिए अतिरिक्त छूट मिलती है।
अति वरिष्ठ नागरिक
एक अति वरिष्ठ नागरिक को अन्य की तुलना में छूट की सीमा ज्यादे मिलती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निवासी अति वरिष्ठ नागरिक को छूट की सीमा रु. 5,00,000 है। सामान्य नागरिक के लिए छूट की सीमा 2,50,000 रुपये है। सामान्य करदाताओं की तुलना में निवासी अति वरिष्ठ नागरिक के लिए उच्च छूट सीमा के रूप में 2,50,000 का लाभ है।
क्या होनी चाहिए उम्र
आयु मानदंड को समझने से पहले, यह जानना बहुत जरूरी है कि आयकर कानून के तहत एक वरिष्ठ नागरिक/अति वरिष्ठ नागरिक को दिए जाने वाले कर लाभ केवल निवासी वरिष्ठ नागरिक और निवासी अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं। दूसरे शब्दों में, ये लाभ अनिवासी भारतीय के लिए उपलब्ध नहीं हैं, भले ही वह अधिक आयु का हो। आयकर कानून के तहत एक वरिष्ठ नागरिक और बहुत वरिष्ठ नागरिक के रूप में छूट प्राप्त करने के लिए आयु और अन्य मानदंड इस प्रकार हैं:
वरिष्ठ नागरिक के लिए मानदंड
वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय व्यक्ति को 60 वर्ष या उससे अधिक का होना चाहिए लेकिन व्यक्ति की उम्र 80 वर्ष से कम होनी चाहिए और वह भारत में निवासी होना चाहिए। अति वरिष्ठ नागरिक के लिए मानदंड की बात करें तो वित्त वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक की आयु होनी चाहिए और भारत में निवासी होना चाहिए।


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