नयी दिल्ली। ब्रिटिश ब्रोकरेज फर्म बार्कलेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष में 2021-22 में भारतीय इकोनॉमी 8.5 फीसदी की ग्रोथ रेट से बढ़ेगी। पहले इसने 2021-22 के लिए 7 फीसदी ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया था। बार्कलेज ने ये भी कहा है कि भारतीय इकोनॉमी के अनुमान से ज्यादा तेजी से सामान्य होने की उम्मीद है, क्योंकि दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले देश में कोरोना के मामले कम हो रहे हैं। भारत में इस समय कोरोना के करीब 90 लाख कंफर्म मामले हैं। कोरोना संक्रमितों की संख्या के मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरे नंबर पर है। अच्छी बात ये है कि सितंबर मध्य से भारत में कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या लगातार घट रही है।

लॉकडाउन खुलने से इकोनॉमी सुधरी
बार्कलेज के अनुसार निकट भविष्य में एक प्रभावी वैक्सीन की उम्मीद और बड़ी आबादी में एंटीबॉडी होने के चलते इकोनॉमी में रिकवरी की उम्मीद भी बढ़ी है। भारत में दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन में से एक लगा था, जिसमें ढील के बाद भारत में कारोबार खुल गए हैं और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। त्योहारी सीजन के दौरान मोटरसाइकिल निर्माता हीरो मोटोकॉर्प और ज्वेलरी कंपनी टाइटन की सेल्स से इस बात के संकेत मिलते हैं।
चालू वित्त वर्ष में विकास दर
चालू वित्त वर्ष में बार्कलेज ने भारत की जीडीपी में 6.4 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया है। हालांकि इसने पहले 6 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया था। इसने दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जीडीपी के 8.5 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया है, जो आरबीआई के अनुमान के लगभग समान ही है। पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी को 8.6 फीसदी तक गिरावट का अनुमान लगाया था।
भारत में मंदी
संभावना जताई गई है कि भारत साल की पहली छमाही में एक तकनीकी मंदी में प्रवेश कर गया है। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है।


Click it and Unblock the Notifications