नई दिल्ली। पिछले 5 साल में देशभर में सरकारी बैंकों की हजारों शाखाओं को बंद किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में दी है। इस जानकारी के अनुसार देश के 26 सरकारी बैंकों ने अपनी 3427 शाखाओं या तो बंद किया है, या उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया है। इसका मुख्य कारण बैंकों का विलय है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इन 5 सालों में अपने शाखाओं में सबसे ज्यादा फेरबदल किया है। इस दौरान एसबीआई ने अपले 5 सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का अपने में विलय भी किया है। हालांकि आरटीआई में बैंकों की शाखाओं के बंद होने का कारण भी आरबीआई से बताने का कहा गया था, लेकिन जबाव में यह नहीं बताया गया है।
अब हो रहा है 10 सरकारी बैंकों का विलय
एसबीआई में विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब देश के 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि सरकारी बैंकों के विलय की यह प्रक्रिया 31 मार्च 2020 तक पूरी हो जाएगी। आरबीआई से आरटीआई लगाकर यह जानकारी मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने एकत्र की है। यह समय समय पर आरबीआई से आरटीआई के तहत ऐसी अहम जानकारी मांगते रहते हैं।
इस कम होती गईं बैंकों की शाखाएं
आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार बीते 5 सालों में 26 बैंकों ने अपनी शाखाओं में फेरबदल किया है। इन बैंकों ने या तो अपनी शाखा का पता बदला है या उनको बंद कर दिया है। इसमें बैंक की शाखाओं का विलय भी शामिल है।
साल दर साल बैंकों में फेरबदल
-वित्तीय वर्ष 2014-15 में 90 बैंक शाखाएं
-वित्तीय वर्ष 2015-16 में 126 बैंक शाखाएं
-वित्तीय वर्ष 2016-17 में 253 बैंक शाखाएं
-वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2,083 बैंक शाखाएं
-वित्तीय वर्ष 2018-19 में 875 बैंक शाखाएं
-बीते 5 वित्तीय सालों में एसबीआई की 2,568 बैंक शाखाएं प्रभावित हुईं
और बैंक शाखाएं बंद होने का खतरा
सरकारी बैंकों के कर्मचारी संगठनों ने 10 बैंकों के विलय की सरकार की योजना का विरोध करते हुए कहा है कि इससे भी हजारों बैंक शाखाओं पर असर पड़ेगा। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम के अनुसार अगर सरकार देश के 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाती है, तो इन बैंकों की कम से कम 7,000 शाखाएं प्रभावित हो सकती हैं। इनमें से ज्यादातर बैंक शाखाएं महानगरों और शहरों की होंगी।
एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा में मर्जर की प्रक्रिया पूरी
आरबीआई की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ भारतीय महिला बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का विलय 1 अप्रैल 2017 से प्रभावी हो गया है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी हो गया है। अब 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया 31 मार्च 2020 तक पूरी हो जाएगी और नए 4 बैंक उम्मीद है कि 1 अप्रैल 2020 से काम करने लगेंगे।
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