नई दिल्ली, अगस्त 22। आजकल भारत में लगभग सभी वयस्क लोग अक्सर बैंक से लेन-देन करते है। बैंक ग्राहकों को देने वाले तमाम सुविधाओं के लिए कुछ चार्ज भी काटता है। लगभग सभी बैंक अपने ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बैंकिंग सेवाएं देते हैं। बैंक से मिलने वाली कुछ सेवाए मुफ्त होती हैं तो कुछ पर चार्ज लगता है। चलिए आपको मुफ्त मिलने वाली और चार्ज के साथ मिलने वाली बैंकिंग सेवाओं के विषय में बताते हैं।
फ्री में मिलती है ऐ सुविधाएं
लगभर सभी बैंक अपने मौजूदा ग्राहकों को बिना किसी चार्ज के एटीएम कार्ड, चेकबुक और ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधाए देते हैं। इनके अलावा कुछ सेवाओं के लिए बैंक सेवा शुल्क लेता है।
बैंक चार्ज लगने की देते हैं जानकारी
सभी बैंक अपने ग्राहकों को बेसिक सर्विसेज पर लगने वाले चार्ज के विषय में जानकारी देते हैं। अगर मिलने वाली सर्विसेज के सर्विस चार्ज में किसी तरह का बदलाव किया जाता है तो इसकी जानकारी बैंक ग्राहकों को उपलब्ध कराती है। चार्जेज बढ़ने घटने संबंधित पूरी जानकारी आपको बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स पर मिल जाती है।
किन सुविधाओं पर लगता है चार्ज
खाते में न्यूनतम सीमा से कम बैलेंस रखने पर आपको पेनाल्टी देनी पड़ती है.
डेबिट कार्ड सर्विसेज के लिए सालान चार्ज लगता है.
चेकबुक बाउंस होने पर फिस ली जाती है.
कई बैंक पेंमेंट ट्रांसफर के लिए भी लेते हैं चार्ज.
नगदी निकासी और जमा पर की राशि के मुताबिक लग सकता है चार्ज.
होम बैंकिंग सुविधा के लिए आपको शुल्क देना होता है.
लोन के आवेदन पर प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशेन चार्ज, एप्लीकेशन फीस और लीगल चार्जेज की रकम आपको खुद देना पड़ता है.
अगर ग्राहक लोन फिक्स्ड ब्याज दर पर लेता है तो इसे समय से पहले बंद कराने पर शुल्क देना पड़ता है.
लॉकर की सुविधा पर ग्राहक को फीस देना होता है.
डेबिट कार्ड से विदेशों में पेमेंट पर आपको चार्ज भरना पड़ता है.
बैंक से डिमांड ड्राफ्ट बनवाने पर आपको चार्ज देना पड़ता है.


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