Bank of Baroda: सरकारी बैंक Bank of Baroda ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कटौती की है। बैंक ने बुधवार को बताया कि नई दरें 12 सितंबर 2025 से लागू होंगी। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ब्याज दरों को लेकर उधार लेने वाले लोग लगातार राहत की उम्मीद कर रहे थे।

ओवरनाइट MCLR में 10 बेसिस पॉइंट्स की कमी
बैंक ने अपनी ओवरनाइट MCLR को घटाकर 7.85% कर दिया है। पहले यह दर 7.95% थी। इसका फायदा उन ग्राहकों को होगा जो अल्पावधि यानी कम समय के लिए लोन लेते हैं।
तीन महीने की MCLR भी घटी
Bank of Baroda ने तीन महीने की MCLR में भी बदलाव किया है। इसमें 15 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई है। नई दर अब 8.20% हो गई है। यह उन ग्राहकों के लिए राहत की खबर है जिनके लोन तीन महीने की MCLR से जुड़े हुए हैं।
एक साल की MCLR पर कोई बदलाव नहीं
बैंक ने साफ किया है कि एक महीने (7.95%), छह महीने (8.65%) और एक साल (8.80%) की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। चूंकि अधिकतर होम लोन और ऑटो लोन की ब्याज दरें एक साल की MCLR पर आधारित होती हैं, इसलिए इन ग्राहकों की EMI पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।
MCLR क्यों होती है अहम?
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2016 में लागू किया था। इसका मकसद था कि RBI की रेपो रेट में जो भी बदलाव हों, उसका सीधा असर ग्राहकों की लोन ब्याज दरों पर पहुंचे।
पहले जो बेस रेट सिस्टम था, उसमें यह प्रभाव उतनी तेजी से नहीं दिखता था। लेकिन MCLR लागू होने के बाद से बैंकों की लोन दरें ज्यादा पारदर्शी हो गई हैं।
EMI पर असर कैसे पड़ेगा?
अगर किसी ग्राहक का लोन ओवरनाइट या तीन महीने की MCLR से जुड़ा है तो उन्हें EMI में कमी देखने को मिल सकती है। वहीं, जो ग्राहक एक साल की MCLR से जुड़े हैं, उन्हें अभी इंतजार करना होगा। आमतौर पर लंबे समय के लोन जैसे होम लोन इन्हीं दरों से जुड़े होते हैं।
कर्ज लेने वालों के लिए क्या मतलब है यह बदलाव?
Bank of Baroda का यह कदम उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आया है जो निकट भविष्य में शॉर्ट टर्म लोन लेने की सोच रहे हैं। ब्याज दर घटने का मतलब है कि उनकी मासिक किस्तें थोड़ी हल्की होंगी। हालांकि लंबी अवधि के कर्ज लेने वालों को अभी तुरंत फायदा नहीं मिलेगा।
Bank of Baroda की इस घोषणा से यह साफ है कि बैंक धीरे-धीरे ब्याज दरों में नरमी दिखा रहा है। अगर आने वाले महीनों में RBI रेपो रेट में और कटौती करता है, तो संभव है कि एक साल की MCLR भी घटे और तब होम लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिले।


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