नई दिल्ली, अक्टूबर 25। भारत के मुख्य बैंकिंग रेगुलेटर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सेफ जमा लॉकर और बैंकों द्वारा दी जाने वाली सेफ कस्टडी सुविधाओं के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने 18 अगस्त को बैंकिंग और टेक्नोलॉजी में कई प्रगति, उपभोक्ता शिकायतों और विभिन्न बैंकों के साथ-साथ भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के रेस्पोंस का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है। आगे हम आपको नए लॉकर दिशानिर्देशों की डिटेल से जानकारी देंगे।
इस्तेमाल नहीं करते लॉकर
बैंकों के सामने ऐसी स्थितियां आती हैं जहां लॉकर किराए पर लेने वाला न तो लॉकर को मैनेज करता है और न ही उसके लिए शुल्क का भुगतान करता है। लॉकर किराए का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए, बैंक लॉकर आवंटन के समय टर्म डिपॉजिट लेने के हकदार हैं। इस राशि में तीन साल का किराया और लॉकर तोड़ने का शुल्क भी शामिल होगा।
इनसे नहीं मांगा जाएगा चार्ज
मगर ध्यान रहे कि बैंक उन मौजूदा लॉकर धारकों से या जिनके पास एक्टिव खाते हैं, उनसे टर्म डिपॉजिट नहीं मांगेंगे। यदि लॉकर का किराया एडवांस में लिया जाता है, तो ली गयी राशि में से उपयुक्त हिस्सा ग्राहक को वापस कर दिया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थितियों के मामले में, बैंक अपने ग्राहकों को जल्द से जल्द सूचित करने का प्रयास करेंगे।
बोर्ड द्वारा पास की गयी पॉलिसी
आरबीआई के नये निर्देशों के अनुसार बैंकों को बोर्ड द्वारा पास की गयी एक पॉलिसी पेश करनी होगी। इसमें उनकी तरफ से किसी तरह की लापरवाही के कारण लॉकरों के कंटेंट को किसी भी नुकसान के लिए उनके द्वारा दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की डिटेल दी जाएगी। लॉकर की देखभाल में लॉकर सिस्टम के उचित कामकाज को सुनिश्चित करना और लॉकरों तक अनअप्रूव्ड एक्सेस से सुरक्षा करना शामिल होगा। डकैती और चोरी के मामले में पर्याप्त उपाय सुनिश्चित करना भी बैंक की जिम्मेदारी होगी।
इन मामलों में बैंक की जिम्मेदारी नहीं होगी
नए प्रावधानों के अनुसार, भूकंप, बाढ़ आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण लॉकर को किसी भी तरह के नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा। हालांकि बैंक ऐसी आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा अपनाएंगे। आरबीआई की संशोधित लॉकर नीति में कुछ और भी महत्वपूर्ण नियम शामिल किए गए हैं।
पेश किया जाएगा लॉकर समझौता
बैंक लॉकर समझौते में एक अतिरिक्त क्लॉज शामिल करेंगे जो लॉकर को किराए पर लेने वाले को उसमें कुछ भी खतरनाक चीज रखने के लिए प्रतिबंधित करेगा। बैंकिंग प्रोफेश्नल्स द्वारा धोखाधड़ी या इमारत ढहने जैसी घटनाओं के मामले में बैंकों की देनदारी वार्षिक किराए की राशि का 100 गुना निर्धारित की गई है। बता दें कि बैंक लॉकर लेते समय नॉमिनी बनाने का ऑप्शन मिलता है। लॉकर लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो बैंक लॉकर में रखा सामान को उसके उत्तराधिकारी को लेने का मौका मिलता है। बैंक लॉकर लेने वाली की मौत के बाद उस नॉमिनी को लॉकर इस्तेमाल करने का अधिकार मिलता है। फिर नॉमिनी चाहे तो बैंक लॉकर को जारी रखे या फिर उसे खाली कर दे। अगर लॉकर लेते वक्त संयुक्त नाम रखा गया है तो लॉकर पर संयुक्त नाम वाले का अधिकार होगा। इसलिए लॉकर लेते वक्त संयुक्त नाम और नॉमिनी के विकल्पों का सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 24 मार्च को सोने की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 24 मार्च को चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 22 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज गोल्ड सस्ता हुआ या महंगा

Silver Price Today: 23 मार्च को चांदी की कीमतों में गिरावट! 45,000 टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Silver Price Today: 22 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Bank Holiday Today: आज बैंक खुले हैं या बंद? एक क्लिक में जान लें राम नवमी से कब तक बैंक हॉलिडे शेड्यूल

Gold Rate Today: 21 मार्च को अगर सोना खरीदने का प्लान है तो पहले जानें 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास



Click it and Unblock the Notifications