
Bank Locker : बैंक में लॉकर लेना आपके क़ीमती सामान को स्टोर करने के सबसे सुरक्षित तरीकों में से एक है क्योंकि ये कम शुल्क के लिए एक सेफ सुविधा देते हैं। अधिकतर बैंक ब्रांच में सुरक्षित डिपॉजिट बॉक्स होते हैं जहां आप कीमती सामान जैसे ज्वेलरी या महत्वपूर्ण दस्तावेज रख सकते हैं। करीबी बैंक शाखा, जहां किसी का खाता है, लॉकर किराए पर लेने के लिए एक सही जगह होगी। लॉकर का साइज जरूरत और किराए के आधार पर चुना जा सकता है। पर आप लॉकर कैसे लें, जरूरत के बाद कैसे बंद कराएं और कैसे मैंटेन करें, यहां हम आपको इसकी जानकारी देंगे।
बैंक लॉकर कैसे खोलें?
लॉकर किराए पर लेने के लिए आपको एक सिम्पल आवेदन फॉर्म भरना होगा और बैंक के साथ केवाईसी पूरा करनी होगा। आपको एक लॉकर समझौते पर हस्ताक्षर करना होगा, जिसे 'मेमोरेंडम ऑफ लेटिंग' के नाम से भी जाना जाता है, जो बैंक के नियमों और शर्तों से सहमति का प्रूफ होता है। बैंकों को किसी न किसी प्रकार के कोलेट्रोल की आवश्यकता होती है। नतीजतन ये आम तौर पर केवल मौजूदा खाताधारकों या उन लोगों को लॉकर प्रदान करते हैं जो किसी तरह का खाता खोलने के लिए सहमत होते हैं। इनमें बचत खाता, चालू खाता या तीन साल की एफडी शामिल है। लॉकर मामूली शुल्क पर किराए पर लिया जा सकता है। यह लॉकर के साइज और ब्रांच की लोकेशन (इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी दोनों) द्वारा निर्धारित किया जाता है। यह वार्षिक आधार पर लिया जाता है और एडवांस में देना होता है।
बैंक लॉकर को मैंटेन कैसे करें
बैंक, ब्रांच और लॉकर के साइज या लोकेशन के आधार पर, लॉकर एग्रीमेंट करते समय लॉकर का किराया किया जाता है। ग्राहक को सीधे किराया डेबिट के लिए अपने बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना चाहिए। बैंकों को आमतौर पर जमा के रूप में कोलेट्रोल की आवश्यकता होती है जो तीन साल के किराए को कवर करती है।
बैंक लॉकर को कैसे बंद करें
अगर आप लॉकर को बंद करना चाहते हैं तो इसे सरेंडर करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। लॉकर खाली करने और चाबी बैंक को लौटाने की जिम्मेदारी ग्राहक की होती है। उस स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाता है, और साल की शुरुआत से ग्राहक के लॉकर का किराया वापस कर दिया जाता है।
किराया और एसएमएस नोटिफिकेशन
जो ग्राहक बैंक में लॉकर लेना चाहते हैं, उन्हें एफडी करानी होगी जो लॉकर के तीन साल के किराए के बराबर हो। बैंकों को तीन साल से अधिक का एडवांस किराया लेने की अनुमति नहीं होती है। मान लें कि एक ग्राहक एडवांस किराया चुकाने के बाद लॉकर वापस करने का फैसला करता है। उस मामले में, बाकी किराए की समानुपातिक राशि (तीन वर्ष की अवधि में) वापस कर दी जाएगी। जब कोई बैंक लॉकर का उपयोग करता है, तो बैंक को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से लॉकर मालिक को सूचित करना होता है। इसका उपयोग ग्राहक को लॉकर एक्सेस करने की तारीख और समय के बारे में सूचित करने के लिए किया जाता है। बैंकों को लॉकर आवंटन प्रोसेस को खाली लॉकरों की संख्या डिस्प्ले करके पारदर्शी रखनी चाहिए। बैंकों को सभी लॉकर आवेदनों की प्राप्ति की रिसीट भी देनी चाहिए।
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications