नई दिल्ली, सितंबर 28। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंक लॉकर के नियमों को बदल दिया है। अगर आप जल्द ही बैंक लॉकर खोलने का विचार बना रहें हैं, तो फिर ये खबर आपके काम की है। आपको इन नियमों के बारे में पहले से पता होना चाहिए। चलिए जानते हैं। बैंक लॉकर से जुड़े हुए नियमों के बारे में विस्तार से।
क्या होगा बैंक ब्रांच में चोरी होने पर
यदि आपके बैंक लॉकर से कुछ चोरी हो जाता हैं या फिर कुछ गड़बड़ हो जाता हैं तो फिर बैंक की तरफ से मुआवजा दिया जाता हैं। बैंक की तरफ से ये नही कहां जा सकता हैं कि लॉकर से चोरी होने पर जिम्मेदारी आपकी हैं। बैंक कर्मचारी के फ्रॉड किए जाने पर लॉकर के किराए का 100 गुना कस्टमर को देना होगा।
जानकारी देनी होगी खाली लॉकर की
आरबीआई के तरफ से यह कहां गया हैं कि बैंक लॉकर में पारदर्शिता बनाएं रखने के लिए बैंको के खाली लॉकर की लिस्ट और वेटिंग लिस्ट नंबर, लॉकर के लिए वेटिंग लिस्ट को डिस्प्ले पर लगाना होगा। कोई भी बैंक अपने ग्राहकों को अंधेरे में नही रख सकते हैं। बैंक लॉकर के लिए आई सभी एप्लीकेशन को स्वीकार करेंगे और कस्टमर्स को वेटिंग लिस्ट के बारे में बताएंगे।
जानकारी देंगे ईमेल और एसएमएस अलर्ट से
बैंको को हर बार एसएमएस और ईमेल ग्राहक को भेजना होगा। जब भी ग्राहक अपने बैंक लॉकर एक्सेस करता है। धोखाधड़ी से बचने के लिए आरबीआई ने यह नियम बनाया हैं। बैंक लॉकर ऑपरेट करने की जानकारी ग्राहक को देगा, ताकि फ्रॉड होने से बचा जा सके।
सीसीटीवी कैमरे होंगे
बैंको को लॉकर रूम में प्रवेश करना और बाहर जाने की निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी लगाना होगा और उसके डाटा को 180 दिन स्टोर करके रखना होगा। आरबीआई के नोटिस में कहां गया हैं कि बैंक से ग्राहक यदि शिकायत करता हैं। कि उसका लॉकर उसकी बिना जानकारी के खोला गया हैं। तो फिर बैंक पुलिस की जानकारी के पूरा होने तक रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखेगी। जिससे इस मामले को सुलझाने में बहुत सहायता मिलेगी।
तीन वर्ष का किराया बैंक ले सकता हैं
नए बैंक लॉकर नियम हैं। उसके तहत बैंक को केवल 3 वर्ष का किराया लेने की अनुमति हैं। इसी वजह से 4 हजार रु के वर्ष शुल्क वाले लॉकरों के लिए बैंक अन्य मेंटेनेंस चार्ज को छोड़कर 12 हजार रु से ज्यादा शुल्क नहीं ले सकता हैं।


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