Bank Holiday on Bakrid: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से पहले ही बैंकों की छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी जाती है। इस बार जून के महीने में बैंकों में छुट्टीयों की भरमार होने वाली है। बैंक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार लगातार चार दिनों के लिए बैंक बंद रहेंगे। अ
गर आप अपने बैंक का कोई जरूरी काम निपटाना चाहते हैं तो उसे जल्दी से जल्दी कर लें वरना बैंक में लंबी छुट्टी के कारण आपको परेशानी भी हो सकती है।

क्या बकरीद पर बैंक में रहेगी छुट्टी?
17 जून को सोमवार का दिन है और इसी दिन बकरीद/ईद उल-अज़हा के अवसर पर बैंकों की छुट्टी रहेगी। बकरीद के कारण अगरतला, अहमदाबाद, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंफाल, जयपुर, ईटानगर, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोच्चि, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, नागपुर, पणजी, रायपुर, पटना, शिलांग, शिमला, श्रीनगर,मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली और त्रिवेंद्रम में बैंक बंद रहेंगे।
लगातार इतने दिनों तक रहेगी बैंकों में छुट्टी
रिजर्व बैंक द्वारा राज्यों के हिसाब से बैंक हॉलिडे लिस्ट अलग-अलग होती है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार 15 जून को आइजोल और भुवनेश्वर में बैंकों में YMA डे और राजा संक्रांति के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं 16 जून को रविवार के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा 17 जून को बकरीद के कारण कुछ राज्यों को छोड़कर बाकि सभी बैंकों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा 18 जून को जम्मू और श्रीनगर में बैंक बकरीद के कारण बंद रहेंगे।
आपको बता दें कि 16 जून को रविवार, 17 जून को बकरीद और 18 जून को ईद उल-अज़हा के कारण कुछ जगहों पर लगातार बैंक बंद रहेंगे। जम्मू और श्रीनगर में लगातार 3 दिन बैंकों की छुट्टी रहेगी।
फटाफट निपटा लें बैंक से जुड़े हुए काम
बैंकों में लगातार कई दिनों की छुट्टी होने पर भी नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाएं चालू रहेगी। इसके अलावा 24/7 एटीएम की सुविधा चालू रहेगी। इससे आपको कैश विड्रॉल में भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए आप नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या यूपीआई का इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में बैंक ब्रांच हर दूसरे, चौथे शनिवार और सभी रविवार को बंद रहती हैं। सार्वजनिक अवकाश होने पर भी बैंक बंद रहते हैं। कुछ छुट्टियां राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती हैं जबकि कुछ राज्य स्थानीय परंपराओं के आधार पर कुछ विशिष्ट अवसरों पर छुट्टियां मनाते हैं।
ईद अल--अज़हा की बात करें तो कुरान के मुताबिक, पैगंबर इब्राहिम ने अपने सपने में देखा कि अल्लाह उनसे अपने बेटे की बलि देने के लिए कह रहे हैं ताकि वह अपने भगवान के प्रति अपनी भक्ति और सम्मान साबित कर सके। पैगंबर इब्राहिम ने अल्लाह के निर्देश का पालन करने का फैसला किया और, जिस क्षण वह बलिदान देने जा रहे थे, अल्लाह ने हस्तक्षेप किया और पैगंबर इब्राहिम की पूर्ण समर्पण को मान्यता दी। उन्होंने अपने बेटे के बजाय, बलिदान के लिए एक मेमना दिया था। विश्व स्तर पर, मुसलमान इस दिन अल्लाह के प्रति अपनी भक्ति दिखाने के लिए बकरे की बलि देते हैं।


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