नई दिल्ली, जून 9। सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने फिर से हड़ताल की धमकी दी है। इन बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने 27 जून को हड़ताल करने की चेतावनी जारी कर दी है। 9 बैंक यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के अनुसार सरकार अगर उनकी मांग नहीं मानती है, तो बैंक कर्मचारी 1 दिन की हड़ताल करेंगे। अगर यह हड़ताल होती है तो बैंक लगातार 3 दिन बंद रहेंगे। ऐसा इसलिए कि 25 को महीने का चौथा शनिवार और 26 को रविवार और सोमवार को हड़ताल का होना रहेगा।
जानिए लीजिए बैंक कर्मचारियों की मांग भी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की मांग है कि बैंकों में 5 दिन का हफ्ता लागू हो। यूनयन का कहना है कि बैंकों में सप्ताह में सिर्फ 5 दिन काम होना चाहिए। इससे महीने में 2 अतिरिक्त छुट्टियां बैंक कर्मचारियों को मिल सकेंगी। यूएफबीयू के अनुसार अगर 5 दिन का हफ्ता और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग नहीं मानी तो सरकारी बैंक के कर्मचारी 27 जून को हड़ताल करेंगे।
किस किस ने दी हड़ताल की धमकी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) 9 बैंक यूनियनों का एक संयुक्त संगठन है। इसके अलावा ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन, ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी एसोसिएशन और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर ने भी हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। एक यूनियन के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने यूएफबीयू की बैठक के बाद कहा कि उनकी मांगों को अगर नहीं माना गया तो अभी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी कदम उठाए जा सकते हैं। इन यूनियनों में कुल मिलाकर करीब 7 लाख बैंक कर्मचारी शामिल हैं।
जानिए पुरानी पेंशन योजना और एनपीएस का अंतर
पुरानी पेंशन स्कीम की खास बातें
- पुरानी पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है।
- पुरानी पेंशन स्कीम में पेंशन के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई पैसा नहीं कटता है।
- पुरानी पेंशन स्कीम में 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी की रकम मिलती है।
- पुरानी पेंशन स्कीमरिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पेंशन की राशि मिलती है।
- पुरानी पेंशन स्कीम में जनरल प्रोविडेंट फंड का प्रावधान है।
- पुरानी पेंशन स्कीम में 6 महीने बाद मिलने वाले डीए का प्रावधान है।
जानिए नई पेंशन स्कीम की खास बातें
- नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी की बेसिक सैलरी+ डीए का 10 फीसद हिस्सा कटता है।
- नई पेंशन स्कीम शेयर बाजार पर आधारित है। इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
- नई पेंशन स्कीम में छह महीने बाद मिलने वाले डीए का प्रावधान नहीं है।
- नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।
- नई पेंशन स्कीम शेयर बाजार पर आधारित है, इसलिए यहां टैक्स का भी प्रावधान है।
- नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना जरूरी होता है।


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