India-Bangladesh Tension; India Bangladesh Trade: बांग्लादेश में बढ़ते राजनीतिक अस्थिरता के बीच लोग भारत के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच अब तनाव बढ़ गया है। हालांकि, अभी तक दोनों देशों के बीच हो रहे ट्रेड को रोके जाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14.01 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। सितंबर 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 1.2 बिलियन डॉलर से अधिक रहा। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आने वाले समय में ट्रेड पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
तो चलिए जानते हैं कि दोनों देश एक-दूसरे से क्या-क्या आयात-निर्यात करते हैं और दोनों देश एक दूसरे पर कितना निर्भर हैं...
भारत-बांग्लादेश के बीच आयात-निर्यात
भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध दक्षिण एशिया में सबसे महत्वपूर्ण हैं। दिसंबर 2025 के लेटेस्ट आंकड़ोंके अनुसार दोनों देशों के बीच हुए व्यापार का विवरण इस प्रकार है...
1. व्यापारिक आंकड़े (वित्त वर्ष 2024-25)
- कुल द्विपक्षीय व्यापार: वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक का कुल टर्नओवर लगभग $13.51 बिलियन रहा है।
- भारत से निर्यात: भारत ने बांग्लादेश को लगभग $11.46 बिलियन मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया।
- बांग्लादेश से आयात: भारत ने बांग्लादेश से लगभग $2.05 बिलियन का आयात किया।
- व्यापार संतुलन: व्यापार पूरी तरह से भारत के पक्ष में है, जिसमें भारत का व्यापार अधिशेष (Surplus) लगभग $9.41 बिलियन है।
2. प्रमुख निर्यात और आयात की वस्तुएं (2025)
भारत से बांग्लादेश को प्रमुख निर्यात:
- खनिज ईंधन और तेल: लगभग $1.04 बिलियन का निर्यात।
- कपास और सूती धागा (Cotton Yarn): यह एक प्रमुख निर्यात मद है (लगभग $578 मिलियन)।
- बिजली: भारत बांग्लादेश को लगभग 1160 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करता है।
- कृषि उत्पाद: चावल, गेहूं, फल और सब्जियां।
बांग्लादेश से भारत को प्रमुख आयात:
- तैयार कपड़े (RMG): कपास और मानव निर्मित फाइबर से बने परिधान सबसे बड़े आयात मद हैं।
- जूट और जूट उत्पाद: जूट से बने सामानों का बड़े पैमाने पर आयात होता है।
- मछली और समुद्री उत्पाद: 2024-25 में मछली के आयात में 42% से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
3. महत्वपूर्ण व्यापारिक बदलाव और चुनौतियां
- रुपये में व्यापार: जुलाई 2023 से दोनों देशों ने भारतीय रुपये (INR) में द्विपक्षीय व्यापार शुरू किया है ताकि डॉलर पर निर्भरता कम हो सके।
- बंदरगाह प्रतिबंध: मई 2025 में भारत ने कुछ वस्तुओं (विशेषकर तैयार कपड़ों) के लिए भूमि बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाया, जिससे अब इन्हें केवल कोलकाता और न्हावा शेवा समुद्री बंदरगाहों के माध्यम से ही भेजा जा सकता है।
- चीनी प्रतिस्पर्धा: 2025 की शुरुआत से बांग्लादेश के कपड़ा बाजार (धागे की आपूर्ति) में चीन की हिस्सेदारी बढ़ी है, जिससे भारतीय निर्यातकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है।
4. कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग
- भारत और बांग्लादेश के बीच मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट और भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दे रहे हैं।
- भारत ने बांग्लादेश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, रेल, बंदरगाह) के लिए लगभग $8 बिलियन की 'लाइन ऑफ क्रेडिट' (LoC) प्रदान की है।


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