Bangladesh crisis news: बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद यह देश सुर्खियों में बना हुआ है. बांग्लादेश में हुई राजनीतिक संकट से भारतीय कारोबार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है. भारत के ऑटो कंपनियों का ज्यादातर निर्यात बांग्लादेश में होता है. वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने बांग्लादेश में लगभग 1500 करोड़ रुपये के वाहनों का निर्यात किया था. वहीं बांग्लादेश में 4.5 लाख से 5 लाख तक का टू व्हीलर कारोबार होता है. जिसमें सबसे ज्यादा योगदान बजाज ऑटो का है.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद बांग्लादेश में राजनीतिक संकट बना हुआ है. पिछले तीन दिनों से बांग्लादेश में फैक्ट्रियां भी बंद पड़ी है. इसका सीधा-सीधा असर भारत की ऑटो सेक्टर में देखने को मिल सकता है.
बजाज को होगा भारी नुकसान
बांग्लादेश में बजाज ऑटो लिमिटेड (Bajaj Auto Limited) से लेकर हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) की टू-व्हीलर का व्यापार काफी बड़ा है. यह टू-व्हीलर बांग्लादेश में रहने वाले लोगों की पसंदीदा वाहन में से एक है. वहीं बांग्लादेश के लोग थ्री व्हीलर भी काफी ज्यादा खरीदते हैं.
बजाज के अलावा हीरों की टू-व्हीलर को भी वहां बहुत पसंद किया जाता है.
बजाज ऑटो के हर महीने होने वाले निर्यात में बांग्लादेश का योगदान 3.6 प्रतिशत है. इसके अलावा अगर बात करे हीरो मोटाकॉर्प की तो, हीरों की पूरे विश्व में होने वाले निर्यात का 20 से 30 फीसदी हिस्सा बांग्लादेश जाता है.
बजाज ऑटो और हीरो मोटाकॉर्प के अलावा कई छोटी कमर्शियल कंपनियों के व्हीकल भी बांग्लादेश में भारी मात्रा में निर्यात होते हैं. इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार कोविड से पहले देश से 34 से 35 हजार कमर्शियल व्हीकल बांग्लादेश में निर्यात होते थे.
लेकिन कोविड के समय इसमें लगातर गिरावट आई और फिर 2023-24 में 6 हजार वाहन ही निर्यात हुए. धीरे-धीरे कमर्शियल व्हीकल कंपनियों का कारोबार ठीक हो रहा था. लेकिन अब बांग्लादेश में होने वाले संकट से इन कंपनियों को दोबारा भारी नुकसान हो सकता है.


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