नई दिल्ली, अप्रैल 15। क्रिप्टोकरेंसी भारत में चर्चा का विषय है। बिटकॉइन सहित सभी क्रिप्टोकरेंसी भारत में बैन भी हैं। मगर अब क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा एक नया निवेश ऑप्शन आया है, जिसमें भारतीय निवेशक पैसा लगा कर पैसा कमा सकते हैं। जिस ऑप्शन की हम बात कर रहे हैं वो है कॉइनबेस। कॉइनबेस कोई क्रिप्टोकरेंसी नहीं, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है। अहम बात ये है कि कॉइनबेस खुद एक एक्सचेंज होने के बावजूद अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैस्डैक पर लिस्ट हो गया है। भारतीय निवेशक भले ही बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश न कर सकें, मगर कॉइनबेस में निवेश कर सकते हैं। जानते हैं इस पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
कैसी रही लिस्टिंग
कॉइनबेस ने आईपीओ के पारंपरिक रूट के बजाय, जिसमें नए शेयर क्रिएट किए जाते हैं और निवेशकों को बेचे जाते हैं, कंपनी ने डायरेक्ट लिस्टिंग का फैसला किया, जिसमें मौजूदा शेयरधारक कंपनी के शेयरों को सीधे एक्सचेंज पर बेच सकते हैं। कॉइनबेस का शेयर नैस्डैक पर 14 अप्रैल को 381 डॉलर के भाव पर लिस्ट हुआ। पहले दिन कॉइनबेस के शेयर में काफी उठापटक दिखी।
100 अरब डॉलर का आंकड़ा किया पार
पहले ही दिन ये 429 डॉलर के रेट तक पहुंचा, जिससे इसकी मार्केट कैपिटल भी 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर गयी थी। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई और आखिर में ये 328 डॉलर के रेट पर बंद हुआ। इससे कॉइनबेस की मार्केट कैपिटल 91 अरब डॉलर रह गयी। बता दें कि नैस्डैक पर कॉइनबेस ऐप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और टेस्ला जैसी तकनीकी कंपनियों के साथ ट्रेड करेगी।
कैसे करें भारतीय निवेश
सवाल ये है कि भारतीय निवेशक, जो क्रिप्टोकरेंसी में निवेश नहीं कर सकते, वो कैसे बेसकॉइन में निवेश कर सकते हैं। जानकार बताते हैं कि भारतीय निवेशक Stockal के जरिए बेसकॉइन में निवेश कर सकते हैं। अगर आप बेसकॉइन में निवेश करना चाहें तो Stockal.com के माध्यम से Coinbase में पैसा लगा सकते हैं। आप Stockal पर खाता बनाएं और फिर उसमें पैसे क्रेडिट करके न सिर्फ कॉइनबेस बल्कि सभी ग्लोबल शेयरों और बाकी एसेट में निवेश कर सकेंगे।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश
जानकार कहते हैं कि कॉइनबेस में निवेश इनडायरेक्ट तौर पर क्रिप्टोकरेंसी में ही निवेश होगा। बेसकॉइन की लिस्टिंग को लेकर भारतीय निवेशक उत्सुक हैं। आप केवल किसी ऐप का उपयोग करके पैन कार्ड और आधार कार्ड की मदद एक अमेरिकी ब्रोकरेज खाता खोल सकते हैं। इसके अलावा आपको अपने बैंक के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद आप कॉइनबेस में निवेश कर सकते हैं।
कितना कर सकते हैं खर्च
एलआरएस के तहत, कोई भारतीय व्यक्ति यात्रा, शिक्षा और मेडिकल केयर के साथ-साथ शेयरों की खरीद के लिए प्रति वर्ष 250,000 डॉलर तक भेज सकता है। एक बार जब आप एलआरएस के लिए रजिस्टर हो जाते हैं, तो आप पैसे को अमेरिकी ब्रोकरेज खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं और निवेश शुरू कर सकते हैं।
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