
Bajaj Finance FD : बजाज फाइनेंस ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर अपनी ब्याज दरों में बदलाव किया है। बजाज फाइनेंस ने एएए रेटेड डिपॉजिट पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 8.20 फीसदी तक बढ़ा दी है। इतनी ब्याज दर की पेशकश 44 महीनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर दी जाएगी। उन्हें इस अवधि की एफडी पर 8.20 फीसदी ब्याज मिलेगा। रेगुलर डिपॉजिटर्स को 44 महीने की एफडी पर 7.95 फीसदी ब्याज मिलेगा। ये ब्याज दरें 15,000 रु से 5 करोड़ रुपये तक की जमा राशि के लिए लागू होंगी।
चेक करें ब्याज दरें (वरिष्ठ नागरिक)
पहले बात करते हैं वरिष्ठ नागरिकों की। उनके लिए 44 महीनों की एफडी पर क्यूमेलेटिव ब्याज दर (एक साथ मैच्योरिटी पर) 8.20 फीसदी होगी। वहीं यदि वे मंथली ब्याज लेना पसंद करते हैं तो ब्याज दर 7.91 फीसदी होगी। तिमाही आधार पर ब्याज लेने पर ब्याज दर 7.96 फीसदी होगी। छमाही आधार पर ब्याज लिया जाए तो ब्याज दर 8.04 फीसदी होगी।
रेगुलर कस्टमर्स के लिए ब्याज दरें
रेगुलर कस्टमर्स के लिए 44 महीनों की एफडी पर क्यूमेलेटिव ब्याज दर 7.90 फीसदी होगी। वहीं यदि वे मंथली ब्याज लेना पसंद करते हैं तो ब्याज दर 7.67 फीसदी होगी। तिमाही आधार पर ब्याज लेने पर ब्याज दर 7.72 फीसदी होगी। छमाही आधार पर ब्याज लिया जाए तो ब्याज दर 7.95 फीसदी होगी।
कैसे करें निवेश
कोई भी बजाज फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉजिट में ऑनलाइन मोड के जरिए भी निवेश कर सकता है। इस प्रोसेस को ऑनलाइन मोबाइल वेरिफिकेशन मोड से शुरू करना होता है और उसके बाद निवेशकों की ऑनलाइन प्रोसेस वेरिफाई होती है। केवाईसी पूरी होने पर निवेशक अपनी इंडिविजुअल डिटेल और निवेश डिटेल दे सकते हैं और अपनी भुगतान कर सकते हैं। एक बार एफडी बुक हो जाने के बाद, निवेशकों को एफडी रिसीट रजिस्टर्ड ईमेल एडरेस पर और मोबाइल नंबर पर एक लिंक के रूप में मिलेगी।
हर महीने कमाई
रेगुलर डिपॉजिटर्स मंथली इनकम कैटेगरी का ऑप्शन भी चुन सकते हैं जहां मिलने वाली ब्याज दरें काफी अधिक हैं। उदाहरण के लिए, फिक्स्ड डिपॉजिट के 44 महीने की अवधि पर दी जाने वाली मासिक ब्याज दर 7.67 फीसदी है, जो कि काफी अधिक है। बजाज फाइनेंस 44 महीने की एफडी पर निवेशकों को बेस्ट संभव ब्याज दर ऑफर कर रही है। अधिक ब्याज कमाने के लिए आप क्यूमेलेटिव ऑप्शन चुनें।
पैसा रहेगा सेफ
बजाज फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉजिट बेहद सुरक्षित हैं क्योंकि इन्हें एएए की सबसे ऊंची रेटिंग मिली हुई है। इतनी रेटिंग सेफ्टी और पेमेंट के मामले में बहुत अधिक है। निवेशकों को जिन बातों पर ध्यान देना चाहिए उनमें से एक यह है कि आने वाले दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें गिर सकती हैं। इसलिए, लंबी अवधि के लिए निवेश करना बेहतर है और बेस्ट अवधि 3-5 वर्ष हो सकती है। अगर भारतीय रिजर्व बैंक आगे ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करता है, तो ज्यादातर बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां भी फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में मामूली बढ़ोतरी करेंगी। उसके बाद, ब्याज दरें बहुत अधिक होंगी और उसके बाद से इनमें गिरावट आ सकती है।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।


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